Monday, June 17, 2019

योग दिवस पर

              मुक्तक(योग दिवस पर)
(1)
आओ भारत की संस्कृति के गौरव गान करें।
ऋषि मुनियों की इस परंपरा का बखान करें।
योग को पूरी दुनिया ने अब अपना  ही लिया,
आज योग को मिल कर सारा हिन्दुस्तान करें।।

(2)
स्वस्थ बनने के लिए हम सब योग अपनाएं।
योग से रोग मिटा कर खुद को स्वस्थ बनाएं।
तन  मन  शांत  रहेगा  रोज  करेंगे  योग  तो,
योग  से  बीमारी  मिटा  कर  मुस्कान  लाएं।।
मोहित जागेटिया

Saturday, June 15, 2019

पिता

पिता जीवन की सुबह और शाम है।
पिता से जीवन का सारा काम है।।

वो ही दुनिया की दौलत सारी है।
मुसीबतें उनसे सारी हारी है।।

पिता ही हमारे पोषक पालक है।
पिता घर परिवार के संचालक है।।

पिता से इस जीवन का आधार है।
पिता से हम बच्चों के संस्कार है।।

पिता ईश्वर का सच्चा वरदान है।
पिता से हमको दुनिया का ज्ञान है।।

पिता ही सबके दुख दर्द सहता है।
पिता आशीर्वाद सब पर रहता है ।।

आंगन की वो तस्वीर बनाता है।
पिता ही आंगन को सजाता है।।

पिता तो चाँद सितारे आकाश है।
एक पिता ही जीवन का प्रकाश है।।

पिता जीवन की आन बान शान है।
पिता से ही हम सबकी पहचान है। ।
मोहित जागेटिया

दोहें

मोहन तुम से प्रीत है,राधा के तुम श्याम।
राधा मोहन एक है,दोनु एक ही नाम।।

सासों में राधा बसी,उसके प्यारे श्याम।
गोपी की वो याद है,यादों के वो राम।।

राधा के बस श्याम है,गोकुल उसका धाम।।
जीवन उससे महकता,मीरा के घनश्याम।।
मोहित जागेटिया

Thursday, June 13, 2019

जीवन का सफर

मेरे दिल में तेरा दिल मिल जायें।
इस दिल मे प्यार के फूल खिल जायें।
जीवन की बागियों में कलिया खिलें,
जीवन का सफर प्यार से हिल जायें।।

Wednesday, June 12, 2019

मुक्तक

                 (1)
रोज भ्रमण के लियें घर से जाता हूँ।
तन मन को शांत और सुकून पाता हूँ।
मैं रोज सुबह शाम भ्रमण पर निकलता ,
मैं इस तन मन को स्वस्थ भी बनाता हूँ।।
      
                 (2)
भ्रमण करने से जीवन सुंदर बनता है।
ये तन मन हमेशा खुद के साथ चलता है।
भ्रमण  से  कभी  नही  बीमारी  आती  है
भ्रमण से जीवन भी सुंदरता लगता है।।

3
दुश्मन को दुश्मन के घर मे मारेंगे।
जो लड़ेगा वो खेल में भी हारेंगे।
खुद पर भरोसा है खुद पर विश्वास है
जीते हैं,जितेंगे हम जीत जायेंगे।।
4
तुम्हें भी मेरे प्यार का अहसास हो जायें।
तुम्हें कितना चाहता हूँ विश्वास हो जायें।
मेरे दिल की मोहब्बत बस ये ही कहती आज,
में तुम्हारे पास तुम मेरे पास हो जायें।।
5
बाबा तुम से जो मैं मांगू वो देना तुम्हारी इच्छा।
मैं मांगू वो मेरी इच्छा न देना वही इच्छा अच्छा।
मेरे मन मन्दिर में तुम्हारे ही नाम का सब जाप हो,
बाबा बस तुम्हारी पूजा करू तुमसे न कोई सच्चा।।
6
बात  बात  पर  होती  हैं  हमारी  लड़ाई।
न जाने किस बात की हैं दिल पर रुसवाई।
भला क्या रखा है?मोहब्बत तो कुछ दिन की,
लड़ने  से  तेरी  न  मेरी  कोई  भलाई।।
मोहित जागेटिया

पेड़ लगाएं

एक एक पौधों हम लगायें, श्रष्टि का श्रृंगार करें।
पौधों से जीवन महक जायें ,ये काम हर बार करें।
धरती माता करती पुकार मुझें भी अब तुम बचा लो,
पावन धरा पर हम पेड़ लगा ,कर पुण्य सत्कार करें।।
मोहित जागेटिया

माहेश्वरी

सेवा ,त्याग,तपस्या का हमको ये वरदान है।
खुद का करते व्यापार ये हमारा अभिमान है।
भगवान महेश की पूजा और वन्दना करते ,
हम माहेश्वरी भगवान महेश की संतान है।
मोहित जागेटिया