Monday, June 17, 2019

योग दिवस पर

              मुक्तक(योग दिवस पर)
(1)
आओ भारत की संस्कृति के गौरव गान करें।
ऋषि मुनियों की इस परंपरा का बखान करें।
योग को पूरी दुनिया ने अब अपना  ही लिया,
आज योग को मिल कर सारा हिन्दुस्तान करें।।

(2)
स्वस्थ बनने के लिए हम सब योग अपनाएं।
योग से रोग मिटा कर खुद को स्वस्थ बनाएं।
तन  मन  शांत  रहेगा  रोज  करेंगे  योग  तो,
योग  से  बीमारी  मिटा  कर  मुस्कान  लाएं।।
मोहित जागेटिया

Saturday, June 15, 2019

पिता

पिता जीवन की सुबह और शाम है।
पिता से जीवन का सारा काम है।।

वो ही दुनिया की दौलत सारी है।
मुसीबतें उनसे सारी हारी है।।

पिता ही हमारे पोषक पालक है।
पिता घर परिवार के संचालक है।।

पिता से इस जीवन का आधार है।
पिता से हम बच्चों के संस्कार है।।

पिता ईश्वर का सच्चा वरदान है।
पिता से हमको दुनिया का ज्ञान है।।

पिता ही सबके दुख दर्द सहता है।
पिता आशीर्वाद सब पर रहता है ।।

आंगन की वो तस्वीर बनाता है।
पिता ही आंगन को सजाता है।।

पिता तो चाँद सितारे आकाश है।
एक पिता ही जीवन का प्रकाश है।।

पिता जीवन की आन बान शान है।
पिता से ही हम सबकी पहचान है। ।
मोहित जागेटिया

दोहें

मोहन तुम से प्रीत है,राधा के तुम श्याम।
राधा मोहन एक है,दोनु एक ही नाम।।

सासों में राधा बसी,उसके प्यारे श्याम।
गोपी की वो याद है,यादों के वो राम।।

राधा के बस श्याम है,गोकुल उसका धाम।।
जीवन उससे महकता,मीरा के घनश्याम।।
मोहित जागेटिया

Thursday, June 13, 2019

जीवन का सफर

मेरे दिल में तेरा दिल मिल जायें।
इस दिल मे प्यार के फूल खिल जायें।
जीवन की बागियों में कलिया खिलें,
जीवन का सफर प्यार से हिल जायें।।

Wednesday, June 12, 2019

मुक्तक

                 (1)
रोज भ्रमण के लियें घर से जाता हूँ।
तन मन को शांत और सुकून पाता हूँ।
मैं रोज सुबह शाम भ्रमण पर निकलता ,
मैं इस तन मन को स्वस्थ भी बनाता हूँ।।
      
                 (2)
भ्रमण करने से जीवन सुंदर बनता है।
ये तन मन हमेशा खुद के साथ चलता है।
भ्रमण  से  कभी  नही  बीमारी  आती  है
भ्रमण से जीवन भी सुंदरता लगता है।।

3
दुश्मन को दुश्मन के घर मे मारेंगे।
जो लड़ेगा वो खेल में भी हारेंगे।
खुद पर भरोसा है खुद पर विश्वास है
जीते हैं,जितेंगे हम जीत जायेंगे।।
4
तुम्हें भी मेरे प्यार का अहसास हो जायें।
तुम्हें कितना चाहता हूँ विश्वास हो जायें।
मेरे दिल की मोहब्बत बस ये ही कहती आज,
में तुम्हारे पास तुम मेरे पास हो जायें।।
5
बाबा तुम से जो मैं मांगू वो देना तुम्हारी इच्छा।
मैं मांगू वो मेरी इच्छा न देना वही इच्छा अच्छा।
मेरे मन मन्दिर में तुम्हारे ही नाम का सब जाप हो,
बाबा बस तुम्हारी पूजा करू तुमसे न कोई सच्चा।।
6
बात  बात  पर  होती  हैं  हमारी  लड़ाई।
न जाने किस बात की हैं दिल पर रुसवाई।
भला क्या रखा है?मोहब्बत तो कुछ दिन की,
लड़ने  से  तेरी  न  मेरी  कोई  भलाई।।
मोहित जागेटिया

पेड़ लगाएं

एक एक पौधों हम लगायें, श्रष्टि का श्रृंगार करें।
पौधों से जीवन महक जायें ,ये काम हर बार करें।
धरती माता करती पुकार मुझें भी अब तुम बचा लो,
पावन धरा पर हम पेड़ लगा ,कर पुण्य सत्कार करें।।
मोहित जागेटिया

माहेश्वरी

सेवा ,त्याग,तपस्या का हमको ये वरदान है।
खुद का करते व्यापार ये हमारा अभिमान है।
भगवान महेश की पूजा और वन्दना करते ,
हम माहेश्वरी भगवान महेश की संतान है।
मोहित जागेटिया

Sunday, June 9, 2019

शरणार्थी

शीर्षक-भारत मानवता का धर्म निभाता है
विधा-अतुकांत कविता
विषय- *अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी दिवस*
रचनाशिल्पी नाम-मोहित जागेटिया
स्पर्धा के लिए- *हाँ /नहीं* -हाँ
डाक पता(अनिवार्यत)-नाम मोहित जागेटिया,पिता-मदन लाल जागेटिया,गांव-सिदडियास,वाया सुवाणा, जिला व तहसील-भीलवाड़ा राजस्थान
पिन कोड 311011
सम्पर्क क्र.-9950100169

रचना:-

जो भी इस धरती पर आया
इस धरती ने उसको अपनाया
शरण देती है ये धरती
ये धरती तो पावन है।।
जो खुद के देश में सुरक्षित नहीं
वो होते अल्पसंख्यक
उन पर रोज-रोज अत्याचार होता
वो अपना देश छोड़ कर
भारत की शरण में आये।।
ये भारत उनको वन्दन करता
भारत की धरती पर उनका
अभिनंदन होता है।।
भारत मानवता वाला देश रहा
मानवता हमेशा धर्म निभाता है
जो भी आता शरण लेने
हर शरणार्थी को ये देश गले लगाता है।
जो भी असहाय,लाचार,नीराश्रय
हिंसा से पीड़ित है।
जो अपने ही देश में दबते वह घबराते हैं
जो खुद सुरक्षित नहीं हैं
वो भारत की शरण में आते हैं
भारत उनको अपनाता है
भारत मानवता का धर्म निभाता है।।
मोहित जागेटिया
भीलवाड़ा राज.

Friday, June 7, 2019

ट्विंकल

एक मासूम सी वो कली थी
जिसको खिलने भी न दिया
बेटी थी वो सबकी
उसको आगे बढ़ने भी न दिया।।

क्या कसूर था
उस मासूम कली का,
जो फूल भी न बन पाई
उसको दरिंदों ने मसल दिया।।

नन्हें- नन्हें कदम दुनिया में पड़े थे
उन कदमों को आगे बढ़ने नहीं दिया
जो सपने देखे थे उन सपनों को कुचल दिया।।

जमाना कितना खराब है! बेटी!
तेरे होने से भी अब डर लगता है
मन भी अब विचलित होता है
तन भी रोता है
दर्द से भरी ऐसी घटना को देखकर
सबका रूह काँप जाता है।

बेटी तुम तो मासूम कली थी
अभी तो तुमने दुनिया भी नहीं देखी थी
तुम्हारी मुस्कान को देख कर तुम पर
शैतानों की नजर पड़ गई।
लहू के घाव भर दिया
हैवानियत इतनी ज्यादा क्रूर थी
तुमको खिलने से पहले ही कुचल दिया।।
मोहित जागेटिया

Thursday, June 6, 2019

लेख

"राजस्थान की राजनीति"

राजस्थान राज्य का घटन 30 मार्च 1949 के सात वे राज्य के रूप में हुआ था।राजस्थान राज्य में अभी 33 जिले और 200 विधानसभा की सीटें है।और लोकसभा की 25 सीटें है।
राजस्थान में अभी 7 दिसम्बर को 200 विधानसभा चुनाव हुये है।और राजस्थान में अभी नई सरकार बनी है जो अशोक गहलोत की सरकार है।गहलोत राजस्थान के तीसरी बार मुख्यमंत्री बने।
कांग्रेस पार्टी को 99 सीट मिली और 73 सीटे भारतीय जनता पार्टी को मिली है।वही 13 सीट निर्दलीय आई है।और14 सीट छोड़े दलों को मिली है।
इससे पहले भारतीय जनता पार्टी का राज राजस्थान में रहा है।वसुंधरा राजे सिंधिया राजस्थान की मुख्यमंत्री रही है।वो राजस्थान राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री है।पहली बार 8 दिसम्बर2003को वही दूसरी बार 13 दिसम्बर 2013 को मुख्यमंत्री बनी रही है।राजस्थान में अब तक 14 मुख्यमंत्री बने है।सबसे ज्यादा मुख्यमंत्री का पद पर मोहन लाल सुखाड़िया 4 बार राजस्थान के मुख्यमंत्री पद पर रहे।
हाल ही में सम्पन हुये लोकसभा चुनाव राजस्थान में दो चरणों मे हुए है।25 लोकसभा सीटों वाले राजस्थान में 29 अप्रैल को 13 सीटों पर मतदान हुए और 6 मई को 12 सीटों पर मतदान हुई है।
राजस्थान में दोनु राष्ट्रीय पार्टियों के बीच सीधा मुकाबला है।2014 के लोकसभा चुनाव में 25 की 25 सीटें भारतीय जनता पार्टी को मिली थी।वही अब कोंग्रेस इस बार विधानसभा में अच्छा करने के बाद वो चाहेगी लोकसभा की ज्यादा से ज्यादा सीटें मिले ।वही दूसरी और राजस्थान में विधानसभा में ज्यादा कुछ नही करने वाली भारतीय जनता पार्टी इस बार भी लोकसभा में पिछला वाला प्रदर्शन दोहराना चाहेंगी।राजस्थान राज्य में अधिकांश स्थिति विधानसभा के अनुसार रहती है।जिसकी राज्य में सरकार होती है उसी पार्टी के सांसद ज्यादा होते है।
लेकिन इस बार स्थिति कुछ और दिख रही है।राज्य में कांग्रेस होते हुए भी कुछ ज्यादा अच्छा नही कर पायेगी
इस बार अनुमान है। भारतीय जनता पार्टी पहले से कम लेकिन फिर भी अच्छा करेगी।अनुमान है की भारतीय जनता पार्टी के पास 20 से 22 और कांग्रेस के पास 3 से 5 सीटे आ सकती है।।मोदी जी का अभी भी राजस्थान राज्य में अच्छा प्रभाव है।
राजस्थान से राज्यसभा से 10 सीटे है।पिछली बार 10 की 10 सीटें भारतीय जनता पार्टी के पास थी।
कुल मिला कर राजस्थान की राजनीति केंद्र की राजनीति में बहुत बड़ा योगदान देती है।चाहे केंद्रीय कैबिनट मंत्री पद हो या और कोई विभाग।
मोहित जागेटिया
भीलवाड़ा राज.

Tuesday, June 4, 2019

पर्यावरण दिवस पर

श्वास श्वास लेने में दिकत हो रही
ये हवा हर पल दूषित हो रही
कैसे जिएंगे अब हम।।
दिनों दिन घट रहें पेड़ पौधे
दिनों दिन कट रहे पहाड़ पर्वत
नदियों में खनन और दूषित हो रही
कैसे जिएंगे अब हम।।
पैट्रोल डीजल का उपयोग बड़ रहा
फेक्ट्रियो से धुआं निकल रहा
ये वातावरण सारा का सारा दूषित हो रहा
कैसे जिएंगे अब हम।।
बारिश कम हो रही
गर्मी की तपन बड़ रही
अब मौसम भी प्रतिकूल रहता है
कैसे जिएंगे अब हम।।
इस पर्यावरण को अब बचाना होगा
हर इंसान को पेड़ लगाना होगा
दूषित हो जिस से ये धरती,हवा,जल,नदियां
अब उनसे हम को बचाना होगा
पर्यावरण का पाठ सबको पढ़ाना होगा
नही तो अब कैसे जिएंगे अब हम।।
मोहित जागेटिया

Sunday, June 2, 2019

गर्मी ,,,,तपती धरती


गर्मी का वार हो रहा है
पारा 50 से भी पार हो रहा है
लू के थपेड़े पड़ रहे
बड़ रही गर्मी तप रही धरती।।
भानु की आग से जल रही धरती।
पेड़ पौधों की कमी खल रही
तपती धरती से पेड़े पौधे भी जल रहें
बदलतें मौसम की ये मार पड़ रही।
बीमारी बड़ रही,आँखे,वदन जल रहा
प्यास बड़ रही,होंठ सुख रहें
नीर की कमी खल रही।
ये तपती धरती बारिश के लिए
तरस रही,तपती धरती से सृष्टि जल रही।
इस तपन से बचने के लिए
ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने होंगे।
पानी को बचाना होगा।
मोहित जागेटिया
भीलवाड़ा राज.

मेघों को निमंत्रण

मेघों को मेरा निमंत्रण है…
मेघों को कोयल,पपीहा,मोर,
झरने,नदियों का निमंत्रणl


आ जाओ तुम उमड़-घुमड़ कर,
काले घनघोर मेघ तुम बरस जाओl
प्यास मिटाकर अमृत बरसा दो,
मोर,पपीहा तुम्हारा गान कर रहेll


बैठी वो नायिका तुम्हारे इंतजार में,
तुम आओगे तो उसका साजन घर आएगा।
वो विरह वेदना में तड़प रही,
उसकी प्यास मिटाने मेघ तुम आ जाओll


जब बिजली चमकेगी तो,
काले बादल छाएंगे तो,ये मन बैचेन होगाl
जब तुम्हारे आने की आस बढ़ेगी,
मेघ तुम्हारे बरसने से मन की प्यास बुझेगीll


ये आँखें अब बरसने लगी है,
मेघ तुम आ जाओ..धरा तरसने लगी हैl
मेघ तुमको मेरा निमंत्रण हैll


Saturday, June 1, 2019

पापा मम्मी की शादी की सालगिरह

आज मेरे पापा मम्मी की शादी की सालगिरह है ।
उनको सफल जीवन की हार्दिक बधाई ।

आपने जीवन के पथ पर साथ चलना स्वीकार किया।
इस जोड़ी का हमने उस ईश्वर का ये आभार किया।
ईश्वर  से  आपकी  ये  जोड़ी  हमेशा  सलामत  रहें ,
आपने बंधन में बंध कर इस जीवन को पार किया।।

मोदी जी शपथ

फिर राज तिलक होगा तुम्हारा।
आज  देश  गर्वित  होगा  सारा।
देश का अंधकार  मिटा  होंगे,
बन कर तुम आसमान का तारा।।

मैं मान्य श्रीमान नरेंद्र मोदी जी को भारत देश के दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने की हार्दिक शुभकामनाएं देता।आपका सफल नेतृत्व फिर से इस देश को मिलें।इस देश को आप नई ऊंचाई पर ले जायें।ये देश आपके राज में सम्रद्ध और खुशहाल और महाशक्ति बने।देश की जनता की आशा और विश्वास पर आप खरे उतरो।मेरी आपको ये ही शुभकामनाएं।आपका और आपकी सरकार का कार्यकाल देश का भविष्य निर्माण करें।सफल शासन और प्रशासन फिर से देश को आप दो।एक बार फिर से हिन्दुस्थान का सफल नेतृत्व करों।इस देश की जनता ने आप पर बहुत विश्वास किया।उसी विश्वास के साथ आप काम करो।
आपको और आपकी सरकार की मंगल कामना करता हूँ। ।

नयें विश्वास  से  नई  पारी  को  तुम  खेलना।
दिलों पर राज करों वो राज हर दिल पर मेलना।
नयें  दौर  नई  कहानी  तुम भी  ये  लिख  देना,
महके जो वो खुशबू बन कर तुम हवा में फैलना ।।
मोहित जागेटिया

फिर राज तिलक होगा तुम्हारा।
आज  देश  गर्वित  होगा  सारा।
देश का अंधकार  मिटा  होंगे,
बन कर तुम आसमान का तारा।।
मोहित जागेटिया

जिंदगी तुम्हें तो ये बताना होगा

जिंदगी तुम्हें ये बताना होगा,
अपनों को भी गले लगाना होगा।

चाहें जितने भी फिर से गम आयें,
हर गम के बाद मुस्कराना होगा।

जब रिश्तों में चोट लगे दिल पर तो,
तोड़ा तो कभी दूर जाना होगा।

चाहें जितने भी दूर चले जायें,
दिल से फिर कभी पास आना होगा।

रिश्तों में अपनों के आगें हमको
हर गम को समय पर भुलाना होगा।

अब साथ चलना साथ जीना होगा,
अब अपनों का साथ निभाना होगा।।

नाम मोहित जागेटिया
भीलवाड़ा राज.

Friday, May 31, 2019

मोहन

गोकुल की गलियों में ये मन मोहन है।
जो  प्रेम  से  महकता  वो  ये चंदन है।
जहाँ  की  प्रीत  में ये मन पागल होता
वो मन कान्हा की नगरी वृंदावन है।।

मेरी एक नजर में बस कान्हा छाया।
दिल की गलियों में बस कान्हा को पाया
मैं  जब  जब  भी  तन्हाई  में  होता  हूँ,
मनप्रीत  लगाने  मेरा  कान्हा  आया।

उस कान्हा के साथ अब रिश्ता निभाना
मन मोहन से अब मन की प्रीत लगाना
खो जाना मोहन की भक्ति की प्रीत में,
जहाँ कान्हा मन को वृंदावन बनाना।।

मोहित जागेटिया

Tuesday, May 28, 2019

पिता


                     पिता
पिता की खुशबू से मेरी खुशबू निकलती है।
पिता  से ही मेरी सुबह और शाम ढलती है।
हर  सपनों  की  हर इच्छा को पूरा करते वो,
पिता  की दुआ  हमेशा  मेरे  साथ चलती है।।

जो खुद भूखे रह कर कभी हमको खिलाया है।
कैसे आगें बड़े हमको चलना सिखाया है।
जिनकी शोहरत से हमारा मान सम्मान है,
उस पिता का आशीर्वाद ही छत्र छाया है।

पिता से ही परिवार में संस्कारों की  खान है।
पिता से ही सन्तान को खुद पर अभिमान है।
जिनकी अंगुली पकड़ के हम चलना सीखें कभी,
आज वही पिता दुनिया मे हमारी पहचान है।

तेरा मेरा प्यार अमर है

"तेरा मेरा प्यार अमर है"

तेरा मेरा प्यार अमर है,
तेरे दिल मे मेरा घर है।।

जहाँ पर तूँ है वहाँ पर मैं,
तेरी नजर पर ये नजर है।।

तेरी उन बातों में खोना ,
तेरी हर बात का असर है।।

जिंदगी की इस दौड़ में अब,
तेरे संग मेरा सफर है।।

मेरे दिल मे रहती तुम हो,
आज मेरा राज दिल पर है।

तेरा मेरा साथ-साथ है,
इन धड़कनों तेरी कदर है।।

तेरा प्यार मेरी जिंदगी,
ये प्यार मेरा अब अमर है।।

मोहित जागेटिया

Monday, May 27, 2019

बेवफा

               बेवफा

(1)
एक वो लड़की थी जिनसे में प्यार करता था।
ये दिल हर बार उसको ही स्वीकार करता था।
जाने ऐसा क्या हुआ की वो छोड़ चली गई।
फिर भी ये दिल उसका ही इंतजार करता था।।

(2)
अब जिसने साथ छोड़ दिया उसको कैसे भुलाना।
धोखा  किया  जिसने  उनसे  कैसे  रिश्ता बनाना।
जो  हुआ  करते  थे  दिल  के करीब वो दूर है अब,
उस  बेवफा  से  अब कैसे क्या ये रिश्ता निभाना।।

मोहित जागेटिया
भीलवाड़ा राज.
9950100169

Friday, May 24, 2019

जीत की बधाई,और सफलता की

कागज की नाव पर कभी नदी पार नही होती।
परिश्रम  करने वालो की कभी हार नही होती।
जो कठोर परिश्रम से जीत जाते जनता का दिल ,
उनके परिश्रम की सफलता बेकार नही होती
मोहित जागेटिया

राजनेताओं के तो मुद्दा की लड़ाई है।
उस लड़ाई में ही जनता की ये भलाई है।
जो जीत गए लोकतंत्र में इस उत्सव को,
उन विजेताओं को मेरी सबको बधाई है।
मोहित जागेटिया

Wednesday, May 22, 2019

परिणाम

कल ,कल होगा कल कुछ तो हल होगा।
जीत हार किसकी वो ये पल होगा।।
जिसने भी जनता के दिल को जीता,
सबसे बड़ा देश का कल दल होगा।।।
मोहित जागेटिया

तुम्हारा प्यार का श्रृंगार लिखता हूँ

तुम्हारे प्यार का मैं श्रृंगार लिखता हूँ।
तुम्हारी प्रीत को मैं हर बार लिखता हूँ।।
मैं जानता हूँ मैं मानता हूँ ये सब तो,
इसलिए तुम पर मेरा अधिकार लिखता हूँ।1

मेरे प्यार की तुम मधुर मधुर वो पीर हो।
तुम वेदना का आँखों से बहता नीर हो,
दिल के भावों से भरी तस्वीर हो तुम तो,
स्नेह के रिश्तों के बंधन की जंजीर हो।2

इस चंचल दिल मे कोमल भाव उमड़ता है l
कभी  तुम्हारी  आस  में  ये दिल पलता है।
कभी  तन्हा  होता  हूँ  तुम्हारी  याद  में,
तुम्हारा  नाम  ही  दिल  से  निकलता है।3

मोहित जागेटिया

याद आते है लम्हें

वो  बीतें  लम्हें  बहुत  याद  आते  है।
भूलना  चाहते  पर  भूल  न  पाते है।
उन बातों का दिल पर आज इतना असर
उन  लम्हों  को गीत गजल में गाते है।।
मोहित जागेटिया

याद आएगी मुक्तक

ये जिंदगी कभी तो याद बन याद आएगी।
बीतें गुजरे  पल को कभी सामने लाएगी।
कभी रहोगें तुम अकेले उस पल तुम्हें भी तो
बीतें हर पल की वो याद सच मे सताएगी।।
मोहित जागेटिया

Sunday, May 19, 2019

मोदी जीत पर

तुम्हारे नाम से किसी की आँखे भी नम है।
जो सोचते थे इस बार सबसे आगे हम है।
अरे जितना दम लगाना था उतना लगा दिया,
तुम्हारे दम के आगे आज हमारा दम है।
मोहित जागेटिया

कुम कुम चंदन से करें सत्कार।
मोदी बना फिर से पहरेदार।।
अरे देश मे फिर खुशियों छाई।
आज खुश हो गई माई दाई ।।
चौकीदार बना फिर से प्रधान।
हर चेहरे पर आई मुस्कान।।
मोदी पर सबने किया विश्वास।
ये मोदी हो गया फिर से पास।
आज रौशनी का दीप जल गया।
आज हर और फिर कमल खिल गया।।
आज मोदी सरकार फिर आई।
मोदी को फिर आज बधाई।।
मोहित जागेटिया

मोदी साधना

वो करने चले अपने भगवान की साधना।
प्राणों का दे कर अर्घ्य करने लगे अर्चना।
जा कर चारों धाम समाधि में लीन हो गयें,
महादेव की वो आज करने लगे वंदना।।
मोहित जागेटिया

बचपन संस्मरण

ऐसे तो जिंदगी में बचपन के बहुत से किस्से हैं। जिनको कभी भुलाया नहीं जा सकता है। उन्हीं किस्सों में से एक मेरा भी बचपन का किस्सा है। जब मैं छोटा था। अपनी बहनों की शादी थी। हम लड़की वाले थे फिर भी बारात ले कर हम बीकानेर गए थे। वहाँ पर हम एक धर्मशाला में ठहरे थे। मैं छोटा तो था ही और छोटे बच्चों को चाहिए क्या? बस पैसे और पैसों से चॉकलेट।
मैं अपने बड़ों से पैसे ले कर धर्मशाला से बाहर आ गया था। जानता कुछ भी नही था। कहाँ पर दुकान है? कहाँ पर जाना है, कुछ भी पता नही था। मैं तो पैसे ले कर बहुत दूर तक चला गया था और इस बात का किसी को पता भी नही था। मैं कहाँ पर गया हूँ। मैंने गोलियां ले ली थी पर अब मैं रास्ता भूल गया था। कहाँ क्या है कुछ याद नहीं आ रहा था बस आखों में आंसू आ रहे थे। इधर-उधर घूम रहा था रोते रोते। तभी कोई दो सज्जन पुरुष मिले बोले रो क्यों रहे हो, कहाँ से आये हो और कहाँ जाना है? मैं ज्यादा कुछ बोल भी नही पाता था। उन्होनें मुझे अपनी गोदी में लिया और कुछ धर्मशाला की ओर ले गये। क्योंकि वहाँ पर एक जैसे ही बहुत सी धर्मशाला थी,.सारी धर्मशाला में घुमाया अंत में जहाँ पर ठहरे थे उस धर्मशाला में लाये। मैं अपने घरवालों को देख कर बहुत खुश हुआ था और आखों के आंसू भी मिट गए थे। मैं हमेशा उन दोनों लोगों का अहसान कभी नही भूल पाऊँगा, वो दोनों कौन थे किसके थे ये कुछ भी मैं नही जानता था। उन्होंने मुझे अपने परिवार वालों से मिलाया इतना मैं जानता हूँ। ये घटना हमेशा मेरे लिए उन दोनों पुरुष की संस्मरण बन गई है।

Thursday, May 16, 2019

गुलशन

         गुलशन
महका महका वो ये गुलशन है।
जहाँ फूल खिल जायें वो मन है।
जहाँ फूल खिलते खुशबू आती,
मेरा दिल का आंगन उपवन है।।

गंध की फिजाओ में बहार है।
प्यार की इस गुलशन में धार है।
इस प्रेम की वर्षा से महकता ,
जीवन सबका आज हर बार है।।

रिश्तों का प्यारा ये आंगन है।
कुछ काटो का भी ये दामन है।
जीवन की लता लता खिल जायें,
मन भी महके वो ये गुलशन है।
मोहित जागेटिया
भीलवाड़ा राज.

ये मन भी अकेला हो गया है

जब तुम दूर चली जाती
ये दिल भी अकेला होता है।
ये मन ही उन ख्वाबों में
अकेला खो जाता है।
उन यादों की गलियों में
ये दिल बार बार जाता है
तुम कही मिल जाहो
तुम को ये ढूंढता है।
कितने दूर चले हो तुम
ये मन भी अकेला हो गया है
किसी की किसी भी बात पर
अब मेरा मन नही लगता है।
उलझा है उन यादों में
कैसे सुलझा हूँ अब तुम
आ जाहो।
हर बात में तेरा अहसास छुपा है
ये दिल अब तुम्हें पुकार रहा है।
बस अब तुम आ जाहो।
तुम्हारे बिना दिल भी मेरा अकेला है।।
मोहित जागेटिया

Wednesday, May 15, 2019

लेख राजनीति में भाषा की मर्यादा होनी चाहिए

     "राजनीति में भाषा की मर्यादा होनी चाहिए"

राजनीति में आज कल बोल चाल बहुत निचले स्तर पर आ गई है।विरोधी एक दूसरे को मुद्दे को भुला कर निजी स्तर पर हमला करते है ।ये अच्छा संकेत नही आने वाले समय के लिए।क्योंकि हमारे भारत देश मे हर वर्ष कहि ना कहि पर चूनाव होते रहते है।
राजनेता को जनता के मुद्दे चुनाव में रखने चाहिए जिससे जनता को फायदा मिल सके।जो मुद्दे जनता से जुड़े हो उनको ही चुनाव प्रचार में रखने चाहिए।लेकिन आज कल हर तरह के नेता एक दूसरे को गालियां देते है।एक दूसरे को कोसते है।आज कल राजनेता एक दूसरे को जातिवाद में या धर्म के नाम मे बाट कर वोट लेते है।
विरोधी हो या सत्ता पक्ष दोनु ही अपनी मर्यादा को भूल रहें है।जिस प्रकार उनको अपना फर्ज निभाना चाहिए ।वो आज कल किसी भी दल के नेता अपना फर्ज नही निभा पा रहे है ।एक राजनेता का फर्ज है चुनाव या चुनाव के बाद वो जनता के दर्द की हर आवाज को उठायें।और जितना फायदा जनता का कर सके उतना करना चाहिए।
लेकिन अभी जो लोकसभा चुनाव का माहौल दे कर ऐसा लग रहा है ।ये चुनाव निजी हमलों के दम पर ही हो रहा है।
कौन किसी को जाति को गाली दे रहा तो कोई किसी को चोर कह रहा है।कोई हिन्दू में या कोई मुस्लिम में बाट रहा है।कोई किसी के पिता तो कोई किसी को बहुत बूरी बूरी गालियां दे रहा है।हर राजनेता को समझना चाहिए ।हम जनता की सेवा के लिए आये है।जनता के मुद्दे ले कर आये है।जनता के मुद्दे ही चुनाव में होने चाहिए।
अगर ऐसे ही राजनीति का स्तर रहा तो।भविष्य की राजनीति नीति हमलों से भर जाएगी और जनता के मुद्दे चुनाव से मिट जाएंगे।
हर पार्टी और हर राजनेता को अपनी पार्टी और अपना फर्ज समझना चाहिए ।आने वाले समय के लिए शुद्ध राजनीति के लिए सबसे पहले भाषा का स्तर सुधारना चाहिए।इस से देश का और जनता का ही भला होगा।
चुनाव आयोग को भी ऐसे राजनेता पर कठोर कारवाई करनी चाहिए जो राजनेता शब्दो की मर्यादा नही रख सकते है।जो राजनेता गलत शब्दों का प्रयाग करता है उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगनी चाहिए।।जिस पार्टी का नेता गलत बोलता हो उस पर उसकी पार्टी की भी कारवाई करनी चाहिए।तब जा कर राजनीति में तोड़ा बहुत सुधार हो पायेगा।

कहानी

कहानीकार:-मोहित जागेटिया
    "प्यार का सफर"
एक लड़का एक लड़की की दोस्ती पढ़ाई करते करते हो गई थी।वो लड़का 10 वी कक्षा में था और वो लड़की 9 वी कक्षा में थी।पढ़ाई के लिए पास ही गांव से दूर दूसरे गांव जाते थे।साथ आना साथ जाना हो रहता था।दोस्ती वक्त के साथ साथ और गहरी हो रही।दोनु की दोस्ती एक प्यार के रूप में बदलने लगी थी।अब दोनु एक दूजे से बहुत प्यार करने लगे थे।दोनु एक दूजे की बहुत फिक्र करते थे।दोनु दिल से एक दूजे के बहुत पास थे।दोनु एक दूजे की अच्छी तरह से समझने लगे थे।दोनु एक दूजे की भावना को समझ लेते थे।उस समय मोबाइल फोन नही था।तो अपनी बात प्रेम पत्र के माध्यम से होती रहती थी।
लेकिन वो रिश्ता शादी के बंधन में नही बन्ध सकता था।सबसे बड़ा कारण दोनु एक समाज के नही होने के कारण।फिर भी एक दूजे में बहुत प्यार करते थे।
लेकिन रिस्तो में उस वक्त मोड़ आया जब सुना था लड़की की शादी बचपन मे हो गई थी।और अब पढ़ाई भी 12 वी तक पूरी हो गई थी।और लड़की अब 12 वी के बाद सुसराल जाएगी।इस बात से दोनु को बहुत गहरा कष्ट हुआ लेकिन कर भी तो कुछ नही कर सकते थे।दोनु की मजबूरियां थी।उसके बाद वो सुसराल जाने लगी थी।और लड़का एक दोस्त बन गया था वापस ।क्योंकि अब वो लड़की भी किसी दुसरो की है।इसलिए लड़का अपने हाल में रहता था।बाद में कभी कभी फोन भी आ जाता तो बस हाल चाल पूछ लेते थे।दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता दोस्ती पर वापस आ गया था।धीरे धीरे वो रिश्ता भी समय के साथ समाप्त हो गया था।क्योंकि दोनु एक दूजे की खुशी के लिए एक दूजे से दूर ही अपने अपने परिवार में बहुत खुश है।

नाम -मोहित जागेटिया
पिता -श्री मदन लाल जागेटिया
माता -श्रीमती लीला देवी जागेटिया
वर्तमान पता-गांव सिदडियास
       जिला - भीलवाड़ा, तहसील भीलवाड़ा,राजस्थान पिन कोड 311011
ईमेल :-9950100169.mj@gmail.com