शनिवार, 31 अक्टूबर 2020

शरद पूर्णिमा


शरद चाँद की चांदनी,हरता पूर्णम पीर
पावन अमृत बरसता,सुखमय होती खीर।।
मोहित जागेटिया

कभी खुद से हार जाता



दर्द की तन्हाई में खुद को मैं मार जाता हूँ।
सफ़र कैसा हो इस पार कभी उस पार जाता हूँ।
खेलते है जिंदगी भर हम रोज रोज नया खेल,
तुम से जीत कर मैं खुद से कभी कभी हार जाता हूँ ।
मोहित जागेटिया

क्या शिकायत है


तमन्नाओं के शहर हम हकिगत है।
ख्वाहिशों का दौर उसकी रहमत है। 
जो मांगते वो मिल जाता कभी तो,
हमारी उनसे फिर क्या शिकायत है।
 मोहित जागेटिया

बुधवार, 14 अक्टूबर 2020

जन्मदिवस


जन्मदिन की दुआ है बस सुख से भरी कहानी हो ।
बार बार ये दिवस आए ज़िंदगी  मस्तानी हो ।।

खुशियों की झील में सदा ही जीवन की कश्ती हो ।
महक जाए ज़िंदगी वो खुशबू हर दिन बसती हो ।।

अपना कोई रूठे नहीं न अपनों से दूरी हो ।
जीवन के सफ़र में देखे हर ख्वाहिशें पूरी हो ।।

चेहरे पर नूर सदा आपके मन को चहकाए ।
दिल से ये दुआ है मेरी ये दिन बार-बार आए ।।

घर आंगन गुलज़ार रहे दामन में अच्छाई हो ।
हृदय की गहराई से जन्मदिन की बधाई हो ।।

-- मोहित जागेटिया

सोमवार, 12 अक्टूबर 2020

धन्यवाद,आभार

धन्यवाद,आभार।।
ग्राम पंचायत सिदडियास वासियों को मेरा कोटि कोटि प्रणाम और वंदन।।
ग्राम पंचायत सिदड़ियास के सभी मतदाताओं और  मेरे सभी प्यारे साथी भाइयो, बड़े बुजुर्गो, माता, बहनो,, का बहुत-बहुत धन्यवाद ।आप सभी कार्यकर्ताओं के द्वारा जो मुझे गोपाल जाट(बरजी देवी जाट) प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग और स्नेह,आशीर्वाद मिला उसके लिए आप सभी का आभारी रहूंगा।मैं हमेशा आप लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरूंगा ,आप सभी का विश्वास बनायें रखूंगा।मेरे संघर्ष में कोई कमी नही रखूंगा इंसान हूँ जाने अनजाने में गलती हो सकती है।लेकिन गलती को अवगत कराना आप सभी का काम होगा।ये जीत आप सभी की जीत ,ये जीत मेरी नही है।आप सभी की आशाओ और विश्वास की जीत है।
*मेरे हौसलों के पंखों में उड़ान है।*
*मेरी मंजिल तो हमेशा आसमान  है*
*कभी नही रूखे मेरे कदम इस सफ़र से*
*आप सभी का सहयोग ही मेरी पहचान है*

पुनः एक बार फिर से 
आप सभी के सहयोग के लिए बहुत बहुत आभार।
                  आपका अपना
                       गोपाल जाट
 ग्राम पंचायत सिदड़ियास
🙏🙏🙏🙏🙏🙏

पंच सरपंच


हमने अपना फर्ज निभाया हैं।

में गांव का पंच सरपंच बनानें वाला मतदाता हूँ।
में गांव की तस्वीर बदलने वाला सच्चा विधाता हूँ।

में अपने गांव का हर सुख दुख बताने वाला हूँ
में मतदाता अपने गांव में बदलाव लाने वाला हूँ।

दिल के चुनाव में नही किसी की जीत नही किसी हार हो।
पैसों से बिक जायें ऐसा नही कोई ये व्यापार हो।

सबसे सुगमवाद कभी नही किसी से विवाद चाहता हूँ
मतदाता हूँ मतदान से इस बार बदलाव चाहता हूँ।

जो गांव की तस्वीर बदल दे में वो विकास चाहता हूँ।
सच में गांव की सोच रखता वो ऐसी आस चाहता हूँ।।
मोहित जागेटिया

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2020

चुनाव सरपंच


""""चलो ब्रुश को आजमाते है""""
ब्रुश से राजनीति की अब धुलाई होगी।
विचारों से राजनीति की सफाई होगी।
सियासत में गंदगी की सफाई के लिए
जनता खुद मैदान में आज आई होगी
लगा रहें सभी दम सियासत के परवाने,
जिसने खुद की चमक रब से बनाई होगी।
अब उसको कोई भी झुका सकता नही है
जिसमे जनता की हर दुआ समाई होगी।
प्रकास की तरह चमक अब ब्रुश से रहेगी,
ज्योति नूर की आज जो जलाई होगी।
आज हम सियासत के सफ़र में चले है
ये नई मंजिल की अग्रिम बधाई होगी।।
मोहित जागेटिया


चुनावों का ये दौर है
गलियों,मोहल्ले,चोरायें पर शोर है
चुनावी मद्दा कुछ भी नही है
कौंन जीत रहा कौन हार रहा
इसी समीकरण का जोर है।
सियासत में बस सियासत चल रही
जनता के सवालों को कोई पूछ नही रहा
जनता हर बार बहकावे में आती है
लोभ लालच दे कर जनता की
आवाज को दबाई जाती है। 
ऐसे ही सरकार बनाई जाती है।




शनिवार, 3 अक्टूबर 2020

मोहब्बत करूँगा

*तुम्हारे दिल मे रह कर तुम्हारी हिफाजत करूंगा*
*है अगर कोई शिकायत तो में शिकायत करूंगा*
*अगर हो जाएं कोई गलती तो माफ़ कर देना*
*मैं मोहब्बत करता हूँ रोज मोहब्बत करूंगा*
:- *मोहित जागेटिया*