मंगलवार, 4 अगस्त 2026

हमने जब से देखा तुमको

हमने जब से देखा तुमको,
वो प्रेम का मौसम आया है।

मेरे दिल की हर धड़कन ने,
आज तुझे अपना बनाया है।

उम्मीदों का ख़्वाब पल रहा,
जब से संग हमने देखा था।

ये प्रीत ऐसी बन गई है, 
मेरे रिश्तों को सजाया है।।

:-मोहित जागेटिया 

गुरू वंदना


गुरुवर वंदना

मंगल-पुष्प वर्षा करो, गुरुदेव जो आएँ।
गुरुदेव के आने से मन मेरा हर्षाए।।

सब बोले मोर-पपीहा, मधुर साज सुनाएँ।
गुरुवर की वंदना में नमन के गीत गाएँ।।

मेरे भाग्य में तुम-से गुरुवर मुझे मिले हैं,
जीवन के पथ पर खुशियों के फूल खिले हैं।

गुरु के आने से खुशियाँ ही खुशियाँ छाईं,
ज्ञान-गंगा बन मेरे आँगन स्वयं ही आई।।

हम शीश झुकाकर गुरुवर को करते प्रणाम,
गुरुवर के पावन चरणों में मिलते चारों धाम।

गुरुवर के आने से मन की ज्योति जल जाए,
मेरे गुरुवर के दर्शन से नयन भर आएँ।।

कुम-कुम रोली,अक्षत से हम भी सत्कार करें।
मेरे गुरुवर की हम सदा जय जयकार करें।।

— मोहित जागेटिया

रविवार, 26 जुलाई 2026

गुरुदेव

   🙏🙏गुरुदेव 🙏🙏

सच्चे मन से हम जिसकी पूजा सदा करें, 
वो दामन हमारी सदा हर ख़ुशी से भरे।
सदा ही मन में भक्ति का हर भाव बढ़ाये, 
सदा ज्योति अनंत मन में ज्ञान की जलाएं।

गुरू जो जीवन के सारे रास्ते बदल दे।
हर पल साया बन कर जो सदा साथ चल दे।।
सबको जीवन में अच्छे बुरे का ज्ञान दे।
क्या है? ईश्वर इसकी कैसे पहचान दे।।

सच्चे गुरू जीवन का रास्ता दिखाते है।
अपने मन के ज्ञान से प्रभु से मिलाते है।
दिव्य रौशनी गुरू की भक्त पर आती है,
जिंदगी में बदकिस्मत भी बदल जाती है।

आओ हम गुरू दर्शन का गुरू धाम करें 
गुरू की पावन चरणों में हम प्रणाम करें।
नमन करें सच्चे मन से सदा वंदन करें। 
जो मिला गुरू मंत्र उसका सदा जतन करें।

:-मोहित जागेटिया 



नई गज़ल लिख रहा हूँ

आज फिर में नई गज़ल लिख रहा हूँ। 
तुम्हे सोच कर अब कल लिख रहा हूँ।।

तमन्ना रही जो उसको सोच रहा,
चल रहा जो वो हर पल लिख रहा हूँ।

मुसीबत के दौर में जो साथ रहें,
उन हाथ को मैं निर्मल लिख रहा हूँ।।

जिनको कभी दिल से समझ न पा रहें,
कठोर मन से फिर सरल लिख रहा हूँ।।

जब से अकेला बैठ कर सोच रहा,
जिंदगी का क्या हल लिख रहा हूँ।।

मोहित जागेटिया 



सावन

सावन आया—सावन आया,
रिमझिम-रिमझिम बरसात का
मौसम आया, सावन आया।
हरि-भरी धरा, खिलता उपवन,
बहती नदिया, कल-कल करते
झरने, महकता मन, सुहाना
मौसम आया—सावन आया।
प्रेम का पपीहा बोले, बोले मोर, कोयल।
पेयसी का दिल भी प्रेमी के विरह में
व्याकुल हो जाता। उमंग होती अब
प्रेमी भी मिलन आएगा, बरसात जो
हो रही—सावन आया।
मेरे भोले का महीना प्यारा।
सावन में गंगाजल अर्पण होता,
पंचामृत से स्नान करता।
भाँग, धतूरा, बिल्वपत्र से भक्तों की
मनोकामना पूरी करता।
बम-बम भोले का महीना आया,
सावन का महीना आया।
देश की आज़ादी का पर्व भी इसमें।
शहीदों की गौरवगाथा का गौरवगान होगा।
घर-घर तिरंगा बड़ी शान से लहराएगा।
आज़ादी का जश्न बड़ा होगा।
सावन का महीना जो आया,
राष्ट्रभक्ति का जज़्बा लाया—
सावन जो आया।
खुशियों का त्योहार है यह सावन।
कलाई में सजता विश्वास का धागा।
रक्षा का वचन देता भाई।
अटूट प्रेम और विश्वास का बंधन है
यह रक्षाबंधन।
हर खुशी से भर जाता मन,
सावन जो आता—सावन जो आता।
— मोहित जागेटिया

सावन आया

महीना बड़ा प्यारा आया, यह सावन।
भक्ति का यह महीना कितना है पावन।
शिव का हर कांवड़िया "बम-बम" बोल रहा,
भोला भक्तों के लिए द्वार खोल रहा।।

चारों ओर लगी शिव-दर्शन की कतार,
शिव मंदिर में गूँज रही जय-जयकार।
गंगाजल से शिव का अभिषेक हो रहा,
हर शिव-भक्त आज शिव-भक्ति में खो रहा।।

शिव को भाँग, धतूरा, बिल्वपत्र का अर्पण,
पंचामृत स्नान कर चढ़ाए चंदन।
मन में अटूट भक्ति का भाव लिए दर्शन,
सफल हो जाता हर शिव-भक्त का जीवन।।

शिव ही महाकाल, वही ओंकार हैं,
भोलेनाथ हम सबको सदा स्वीकार हैं।
डमरूधारी, कैलाशपति, त्रिपुरारी,
मुक्तिदाता, अविनाशी, काशी-विहारी।।

शिव की महिमा को हम सबने गाया,
पूजन का यह पावन महीना आया।
सदा रहे शिव-आराधना और साधना,
सावन में करें सच्चे मन से वंदना।।

जब भी रिमझिम वर्षा बरसती है,
मन शिव-दर्शन को ही तरसता है।
हर भक्त एक लोटा जल ले आया है,
पावन महीना बड़ा सावन आया है।।

— मोहित जागेटिया

सावन आया

महीना बड़ा प्यारा आया, ये सावन।
भक्ति का ये महीना कितना है पावन।
शिव का हर कांवड़िया बम-बम बोल रहा,
भोला भक्तों के लिए द्वार खोल रहा।।

चारों ओर लगी शिव-दर्शन की कतार,
शिव मंदिर में हर भक्त की जय-जयकार।
गंगाजल का शिव पर अभिषेक हो रहा,
आज शिव-भक्त शिव-भक्ति में खो रहा।।

शिव को भाँग, धतूरा, बिल्वपत्र का अर्पण,
पंचामृत स्नान कर, करता तिलक चंदन।
मन में भक्ति का भाव ले, करता दर्शन,
सफल हो जाता हर शिव-भक्त का जीवन।।

शिव ही महाकाल, वही ओंकार हैं,
केदारनाथ हम सबको स्वीकार हैं।
शिव डमरू वाले, वे कैलाश निवासी,
मुक्ति करते वे अविनाशी और काशी।।

शिव की हर महिमा को हम सबने गाया,
हम पूजा करें, शिव का महीना आया।
सदा हो शिव-आराधना और साधना,
सावन में करें सच्चे मन से वंदना।।

जब भी रिमझिम बारिश सदा बरसती है,
ये नयन शिव-दर्शन को भी तरसते हैं।
हर भक्त एक लोटा जल का लाया है,
पावन महीना बड़ा सावन आया है।।

— मोहित जागेटिया

शनिवार, 25 जुलाई 2026

कारगिल

कारगिल की घाटी पर जब तिरंगा लहराया था,
पाक को धूल चटाने का इतिहास रचाया था।
मेरा भी नमन देश के हर उस वीर जवान को,
जिसने इस मिट्टी पर अपना रक्त बहाया था।
— मोहित जागेटिया

सोमवार, 13 जुलाई 2026

राम की आस्था चुराई है

जिसने भी भक्तों के दान की रकम खाई है।
मंदिर से जिसने राम की आस्था चुराई है।
वो मेरे, वो सबके राम माफ़ नहीं करेंगे,
अब चुकानी पड़ेगी उसको एक-एक पाई।।
— मोहित जागेटिया

किसी को खास रखता है


ज़माना हमसे मोहब्बत की एक आस रखता है।
टूटे हुए सपनों को सदा वो पास रखता है।
कैसे भूले दर्द के वो पल, कभी जब हम साथ थे।
छोड़ हमारी दोस्ती,किसी और को ख़ास रखता है।।

— मोहित जागेटिया

हम सब सहते रहेंगे

हम प्यार के झरनों में बहते रहेंगे। 
दिल की हल चलों में सब कहते रहेंगे।
कभी निकले हम पहाड़ो से भी कठोर,
गम को छुपा कर हर सब सहते रहेंगे।।
मोहित जागेटिया 

बुधवार, 24 जून 2026

यात्रा नेपाल कथा

हमारी नेपाल यात्रा अत्यंत शांत, सुंदर, सद्भावना और आध्यात्मिकता से भरपूर रही।
यह सब गुरुदेव की विशेष कृपा और आशीर्वाद का ही फल था, कि अपने देश से निकलकर विदेश की पावन भूमि नेपाल के काठमांडू में, भगवान पशुपतिनाथ के सानिध्य में पूज्य महामंडलेश्वर जगदीश पुरी जी महाराज के श्रीमुख से शिव कथा का रसपूर्ण आनंद प्राप्त हुआ।
प्रतिदिन भगवान महादेव पशुपतिनाथ के दर्शन का परम सौभाग्य मिला, जिसने मन को अद्भुत शांति और परमानंद से भर दिया।
इसी यात्रा में डोलेश्वर महादेव मंदिर में केदारनाथ जी के शीश स्वरूप बाबा डोलेश्वरनाथ के दिव्य दर्शन का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ। साथ ही प्रथम शक्ति पीठ गुह्येश्वरी मंदिर के दर्शन कर जीवन धन्य हुआ।
इसी पावन धरती पर बूढ़ा नीलकंठ भगवान विष्णु शेष नाग पर शयन दर्शन अद्भुत रहा है। जहां पर हमारे साथियों द्वारा भजनों की धुन का आनंद मिला।
नेपाल की हिमालयी वादियों में स्थित चन्द्रागिरि हिल्स पर बाबा शिव की अद्भुत छटा और प्रकृति की मनमोहक शांति का अनुभव हुआ। वहीं बौद्धनाथ स्तूप के दर्शन से आध्यात्मिक अनुभूति और भी गहरी हो गई।
यह सम्पूर्ण यात्रा गुरुदेव की कृपा, शिव कथा के पावन प्रभाव और भगवान महादेव की असीम अनुकम्पा से ही संभव हो सकी।
इस आध्यात्मिक यात्रा में मेरे आराध्य बाबा पशुपतिनाथ के दर्शन से जो परमानंद और आत्मिक शांति प्राप्त हुई, वह जीवनभर अविस्मरणीय रहेगी।इसी शिव कथा में अलग अलग संतो का दर्शन भी मिला।
सम्पूर्ण शिव कथा में आने वाले भक्त जनों के लिए रहने, ठहरने सुव्यवस्था वहाँ पर भक्तों के रोज सुबह चाय, नास्ता और दोनु समय रोज अलग अलग खाने की व्यवस्था बहुत की अच्छी थी। ये सब हो पाया गुरुदेव महंत दीपक पुरी जी महाराज के कारण।

कल तो तेरा ये शहर मुझे याद आएगा,
ये पर्वत, ये वादियाँ फिर कहाँ से लाएगा।
तेरे शहर की खुशबू मन को भा गई है,
मन की भक्ति में सदा तूँ दर्शनों में पाएगा।
— मोहित जागेटिया
#जय #पशुपतिनाथ 
#जय #नीलकंठ 
#जयगुरुदेव 
#नेपालकाठमांडू 

यात्रा नेपाल

:-यात्रा संस्मरण 
अभी कुछ ही दिनों पहले मेरी धार्मिक एवं आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत मेरे गाँव से हुई। यह यात्रा गुरुदेव महंत दीपक पुरी जी महाराज के पावन निमंत्रण से प्रारंभ हुई, क्योंकि गुरुदेव ने विदेश की पावन धरती नेपाल के काठमांडू में भगवान पशुपतिनाथ मंदिर के चरणों में शिवकथा कराने का संकल्प लिया था। उसी कथा-श्रवण का संकल्प लेकर हम मित्रों के साथ यात्रा पर निकले।

यात्रा का पहला पड़ाव अपने गृह राज्य में स्थित मेहंदीपुर बालाजी मंदिर था। मार्ग में होने के कारण हमने वहाँ पहुँचकर सच्चे मन से बालाजी महाराज के दर्शन किए। मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन के बाद हम पावन नगरी अयोध्या पहुँचे। वहाँ सबसे पहले हनुमानगढ़ी मंदिर जाकर भगवान हनुमानजी के सुंदर स्वरूप के दर्शन किए, जिससे मन को अद्भुत शांति का अनुभव हुआ।

इसके पश्चात हम भगवान प्रभु श्रीराम के भव्य एवं दिव्य मंदिर राम मंदिर अयोध्या पहुँचे। प्रभु श्रीराम के अलौकिक दर्शन से मन भाव-विभोर हो गया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो जीवन का समस्त सुख एवं शांति मिल गई हो। अयोध्या की दिव्यता, रामदरबार की भव्यता और वहाँ का आध्यात्मिक वातावरण जीवन को धन्य कर गया। वर्षों की तपस्या के बाद प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि एवं दशरथ महल के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

अयोध्या के दर्शन के बाद हम रक्सौल बॉर्डर के रास्ते नेपाल में प्रवेश किए। पूरी रात दुर्गम पहाड़ी मार्गों और ऊँचे पर्वतों के बीच यात्रा करते हुए प्रातःकाल अपने गंतव्य काठमांडू पहुँचे। वहाँ सबसे पहले बाबा पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन किए। दूसरे दिन महामंडलेश्वर श्री जगदीश पुरी महाराज की मधुर एवं रसमयी वाणी में शिवकथा का आनंद प्राप्त हुआ।

काठमांडू में अनेक दिव्य स्थलों के दर्शन का अवसर मिला। चन्द्रागिरि हिल्स पर भगवान भोलेनाथ के दर्शन एवं पूरे काठमांडू का मनोरम दृश्य देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त बूढ़ानीलकंठ मंदिर, बौद्धनाथ स्तूप, स्वयंभूनाथ स्तूप,नेपाल के प्रथम शक्ति पीठ गुह्येश्वरी शक्तिपीठ, कमल पोखरी तथा भगवान केदारनाथ के शीश स्वरूप डोलेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन प्राप्त हुए। कथा-विश्राम के बाद हमारी यात्रा माता जानकी की जन्मभूमि जनकपुर की ओर अग्रसर हुई।

विकट पहाड़ी रास्तों और नदियों को पार करते हुए हम जनकपुर पहुँचे। वहाँ बाणगंगा के दर्शन किए, जहाँ मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने माता सीता के लिए बाण से गंगा प्रकट की थी। इसके बाद भगवान श्रीराम एवं माता जानकी के विवाह स्थल के दर्शन किए। बाबा भूतनाथ, राजा जनक की कुलदेवी एवं भव्य जानकी महल के दर्शन से मन आनंदित हो उठा। वहीं उस ऐतिहासिक स्थान को देखने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ, जहाँ भगवान श्रीराम ने शिवधनुष भंग किया था। इन दिव्य स्थलों के दर्शन के साथ हमारी नेपाल यात्रा पूर्ण हुई। विदेश की धरती पर यह मेरी पहली आध्यात्मिक यात्रा थी, जो जीवनभर अविस्मरणीय रहेगी।

नेपाल से भारत लौटते हुए हमारी यात्रा वाराणसी पहुँची। वहाँ सबसे पहले अस्सी घाट पर गंगा स्नान किया। तत्पश्चात गंगा भ्रमण करते हुए बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन किए तथा काशी के कोतवाल काल भैरव मंदिर का आशीर्वाद प्राप्त किया।

इसके बाद हम बागेश्वर धाम की ओर रवाना हुए। मार्ग में ऊँची पहाड़ी पर स्थित प्राचीन स्वर्गेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन किए, जहाँ सचमुच स्वर्ग जैसा अनुभव हुआ। वहाँ से आगे बढ़कर बाबा बागेश्वर धाम में दर्शन किए तथा माता अन्नपूर्णा का प्रसाद ग्रहण किया।

वापसी में आदिशक्ति माँ जोगणिया के दर्शन करते हुए अंततः हमारी संपूर्ण यात्रा कोटड़ी श्याम मंदिर के चरणों में पूर्ण हुई। यह संपूर्ण यात्रा गुरुदेव की पावन कृपा एवं मेरे महादेव के आशीर्वाद से ही सफल हो सकी। महादेव की भक्ति का ही यह प्रतिफल था।

इस यात्रा ने जीवन को अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। भक्ति, आस्था और विश्वास पहले से कहीं अधिक दृढ़ हुए। इस यात्रा ने जीवन में वास्तविक आनंद का संचार किया। आध्यात्मिक चेतना और भक्ति-शक्ति का यह अनुभव सदैव मेरे जीवन का अमूल्य आधार रहेगा। इस संपूर्ण यात्रा में हर क्षण आनंद, शांति और दिव्य रस की अनुभूति प्राप्त हुई।
:-मोहित जागेटिया 

वो मुलाक़ात करते हैं

ख़ुशी के गीत लिखते थे, गमों की बात करते हैं ।
ये बादल जो आए थे, कही बरसात करते हैं ।
मुस्करातें जो कभी वो, वही खामोश होते अब,
हम सफ़र की याद बैठे, वो मुलाक़ात करते हैं।।
मोहित जागेटिया 

बुधवार, 17 जून 2026

महाराणा प्रताप जयंती

महाराणा प्रताप जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ।।


वो मेवाड़ का अमर बना एक नाम है,

वीर भूमि को पवित्र बना गया धाम है।।


सदा मेवाड़ की बनी अमर पहचान है,

मेवाड़ का प्रताप अटल स्वाभिमान है।।


पराधीनता के विरुद्ध वो तो लड़ा था,

स्वाधीनता की अलख लेकर वो योद्धा खड़ा था।।


चलता रहा जंगल-जंगल, नहीं हार मानी,

हर दुश्मन पर अपनी वो तलवार तानी।।


वो मेवाड़ को कभी गुलाम होने न दिया,

लड़ता रहा मगर मेवाड़ न खोने दिया।।


वो वीर, योद्धा, साहसी — प्रताप नाम था,

जन्म लिया पवित्र भूमि कुम्भलगढ़ धाम था।।


महाराणा मेवाड़ का गौरवगान था,

हर पल महकता हुआ हिन्दू की शान था।।


:- मोहित जागेटिया




शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026

श्री हनुमान जन्मोत्सव

प्रभु श्री राम के परम् भक्त,अष्ट सिद्धि, नव निधि के ज्ञाता,शक्ति में सर्वग्या बलवान, भक्ति में परम् निष्ठावाना भक्त संकट मोचन,वीर श्री हनुमान जन्मोत्सव की बहुत-बहुत बधाई और हार्दिक शुभकामनायें। 🙏🙏🙏

 भावना की हर तस्वीर में जुड़े हुए वो भगवान हैं,
साधना की शक्ति में सदा से परिपूर्ण वो बलवान हैं।
कलयुग में भक्तों की हर पुकार सदा सुनने वाले,
अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता, रामभक्त श्री हनुमान हैं।
— मोहित जागेटिया


T -20 वल्ड कप विजय 2026

आज का दिन हर भारतीय के लिए गर्व और खुशी का दिन है। हमारे देश के वीर खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत, लगन और जुनून से विश्व कप जीतकर पूरे भारत का नाम रोशन कर दिया। यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी की जीत नहीं है, बल्कि करोड़ों भारतीयों के सपनों, विश्वास और भावनाओं की जीत है।
जब हमारे खिलाड़ी मैदान में उतरे तो उनके साथ पूरे देश की उम्मीदें और दुआएँ थीं। हर चौका, हर छक्का और हर विकेट के साथ देश का दिल धड़कता रहा। आखिरकार जब जीत का पल आया तो पूरा भारत खुशी से झूम उठा।
यह जीत हमें सिखाती है कि मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। हमारे खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो दुनिया की कोई ताकत हमें आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती।
आज हर भारतीय के चेहरे पर मुस्कान है और दिल में गर्व है। तिरंगा फिर से विश्व मंच पर शान से लहराया है।
हमारे सभी खिलाड़ियों को इस ऐतिहासिक जीत के लिए दिल से बधाई और शुभकामनाएँ।
जय हिंद, जय भारत! 🇮🇳🏆

लहराया तिरंगा फिर आसमान में,
गूंज उठी जयकार हर हिन्दुस्तान में।
मेहनत, हिम्मत और विश्वास की जीत है,
विश्व कप आया फिर हमारे सम्मान में।

खेल भावना से मैदान सजाया,
हर खिलाड़ी ने अपना दम दिखाया।
आज गर्व से कहती है ये दुनिया सारी,
भारत ने फिर विश्व कप घर लाया।
✍️ मोहित जागेटिया

विश्व कप जीत की हार्दिक बधाई! 🏆🇮🇳
हमारे खिलाड़ियों ने मेहनत, हौसले और जुनून से देश का नाम रोशन कर दिया।
आज हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। जय हिंद!

युद्ध और बुद्ध

*युद्ध और बुद्ध*

दुनिया की ये चाल बड़ी ये चाल है।
युद्ध की ओर जा रही ये दुनिया,
बुद्ध को भूल रही।

मानवता भी मर रही,
इंसानियत भी खो रही।

बारूद के मैदान पर पड़ी
जंग-ए-दुनिया!

मतलब की ये दुनिया,
अपने मतलब के लिए
खुद को नीचे न समझे कोई।

खुद की शक्ति के लिए
औरों के विनाश को चुन रही।

विकसित और विकास का
रास्ता बदलकर दुनिया
बारूद का रास्ता अपना रही!

मगर
युद्ध से समस्या का कोई समाधान नहीं।

बुद्ध के रास्ते अपना ले
फिर से ये दुनिया,
मानवता के लिए, प्रकृति के लिए।

शांति की सबसे बड़ी शक्ति है।

हर लड़ाई का अंत बात से हुआ,
तो फिर लड़ाई से पहले
बात-चीत अपना ले।

युद्ध का शोर विकास का विनाश
कर रहा, एक देश दूसरे की मानवता
का कल्याण मिटा रहा है।

शक्ति की सफलता जंग नहीं,
मानवता का कल्याण का भाव रखा
वो सबसे शक्तिशाली है।

— मोहित जागेटिया

बुधवार, 18 मार्च 2026

हिन्दू नव वर्ष


🌼 हिन्दू नववर्ष मंगलमय हो 🌼
*चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा का*
*ये नववर्ष हमारा है।*
*नव उल्लास, नव आशाओं का,*
*हर दिल में उजियारा है।*

*ये नववर्ष जो आया है,*
*प्रकृति का हर रंग नया है।*
*प्रभात की पहली किरण भी,*
*मुस्काकर जग को छू रही है।*

*नई-नई आभा की लहरें,*
*मन को हर्षित कर रही हैं।*
*शीत गई, ग्रीष्म भी आएगी,*
*मधुर ऋतु ये सुहानी है।*

*वसंत की हर लता पे देखो,*
*नई कलियाँ खिल रही हैं।*
*पेड़-पौधों के नये पत्ते,*
*फिर से ऊर्जा भर रहे हैं।*

*कुदरत का हर रंग निराला,*
*जीवन में रंग भर जाए।*
*ये हिन्दू नव वर्ष हमारा,*
*खुशियों से घर-घर छा जाए।*

*हर तन निरोगी, मन प्रसन्न हो,*
*जीवन मधुरिम माया हो।*
*सुख-शांति और वैभव से,*
*हर घर सदा सुहाया हो।*

*उमंग-उत्साह के दीप सभी में,*
*सदा प्रज्वलित हो जाएँ।*
*हर जीवन में खुशियों के,*
*फूल सदा मुस्काएँ।*

✍️ मोहित जागेटिया

शनिवार, 21 फ़रवरी 2026

मैं जब भी कलम चलाता हूँ

मैं जब भी कलम चलाता हूँ, तेरा ही नाम आता है।
लिखता हूँ राधे तो सदा, आगे घनश्याम आता है॥
मुसीबत के हर दौर में, कभी वो गिरने नहीं देता,
ज़िंदगी के सफ़र में वो, हर पल मेरे काम आता है॥
— मोहित जागेटिया

इजहार करती है

ये नज़रें भी तुम्हारा ऐतबार करती हैं,
ये धड़कन भी तुमसे सदा प्यार करती है।
मैं तेरा हूँ, तू मेरी है—बस यही सच है,
मेरी हर साँस तुझसे ही इज़हार करती है।
मोहित जागेटिया


सोमवार, 5 जनवरी 2026

बेटी

2   मेरी बेटी
मेरे आँगन में भी महक छाई थी। 
उस दिन ख़ुशी से खुशियाँ ही पाई थी।
देख कर जीवन भी धन्य हो गया था,
जब से मेरे द्वार बेटी आई थी।

मेरे घर में खुशियों का त्यौहार है।
मेरी  बेटी  से  मेरा  संसार  है।
बेटी का जन्मोत्सव आया जो आज,
बेटी को स्नेह, प्यार और दुलार है।

मेरे सपनों की लम्बी उड़ान है। 
संग जीवन की सच्ची मुस्कान है।
उस ईश्वर ने दिया बड़ा उपहार,
हमेशा जीवन भी अब आसान है।

दादा-दादी की प्यारी है ये गुड़िया। 
चाचा की राज दुलारी है ये गुड़िया। 
नाना-नानी, मौसी का स्नेह मिला है,
पापा-मम्मी की सारी है ये गुड़िया।


बेटी जीवन जीने का एक जरिया है।
मन को छू जाएं हमारी वो परिया है।
इनके नन्हें कदमों में बड़ी आस भरी
मेरी बेटी नहीं ये मेरी दुनिया है।

मेरी हर हँसी में तेरा ही नाम आएगा।
सारी ख़ुशी होंगी अब गम का विराम आएगा। 
प्यारी बेटी तुम जो अब बड़ने लगी हो आगे,
सदा ही सदा खुशियों का अब पैगाम आएगा।।

मोहित जागेटिया