मोहित जागेटिया
शुक्रवार, 21 जनवरी 2022
जिंदगी का ये मसला
जिंदगी का ये मसला कब हल होगा।
तुम सोचों तो आज भी ,ये कल होगा।
जाने कितने ख्वाबों ,बनना बिगड़ना,
हसीन कभी तो मेरा भी पल होगा।।
मोहित जागेटिया
फैसलों की घड़ियां
ये घड़िया फैसलों की अब सताएगी ।
दर्द है कितना शायद अब बताएगी ।
मुश्किल हालात से जब गुजर *जाएँगे*,
सच कभी तो उस पल की याद आएगी ।।
-- मोहित जागेटिया
आजाद कर जाएंगे
मोहब्बत करता है ये दिल नही बगावत करता है
झूटी बातों से ये मासूम दिल शिकायत करता है।
जिसको समझना था ये दिल नही समझ पाया आज तक,
झूटी उम्मीदों की तरह बस वो सियासत करता है।।
मोहित जागेटिया
सियासत करता है
मोहब्बत करता है ये दिल नही बगावत करता है
झूटी बातों से ये मासूम दिल शिकायत करता है।
जिसको समझना था ये दिल नही समझ पाया आज तक,
झूटी उम्मीदों की तरह बस वो सियासत करता है।।
मोहित जागेटिया
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