मोहित जागेटिया
सोमवार, 21 मार्च 2022
मुक्तक
*मुक्तक...*
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शाम ढ़ले तो में रात का एक तारा बन *जाऊँगा* ।
चांदनी रात में सितारों का दुलारा बन *जाऊँगा* ।
वो रात हमारी खुशनुमा होगी सितारों के बीच ,
वो रात ढले तो में सूरज का प्यारा बन *जाऊँगा* ।।
*-- मोहित जागेटिया*
मंगलवार, 8 मार्च 2022
खाटू श्याम
खाटू का मेला
दीवानों की बस्ती में हम भी दीवाने हो गयें।
आएं फागुन में तो, हम भी जाने माने हो गयें।।
मेले की मस्ती में बाबा के दर्शन से धन्य हो,
इस खाटू की नगरी में हम भी मस्ताने हो गयें।
मोहित जागेटिया
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