गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026

एक कचोरी

एक कचोरी, दो समोसा,

 इन मर्दों का क्या भरोसा।

मर्दों पर नारा लगाने वाली,
 

ये नारी, तूने सही से मर्दों को
 

शायद नहीं पहचाना।

वो क्यों भूल गई,

 इस दुनिया में उसको लाने में


एक मर्द की भूमिका भी थी।

जैसे-तैसे पाला-पोषण किया,
 

बड़ा किया,

 एक बाप का फ़र्ज़ अदा किया।

 मज़बूरी थी, मज़दूरी करता,
 

एक बेटी को कैसे घर विदा करता—


ये एक पिता, मर्द के रूप में समझता।

हर सुख-दुःख का साथी,
 

रिश्तों की गरिमा निभाता,
 

एक मर्द में वो भाई है,
 

जो तेरे आँचल की सदा रक्षा करता।

क्यों मर्दों पर तेरा भरोसा नहीं,
 

जब सारे रिश्ते मर्दों से सजे?

 जब एक पति के रूप में
 

सबसे ज़्यादा भरोसा पाया।

सुख क्या है? दुःख क्या है?
 

न कभी सोचा,
 

न सुकून से कुछ खाया,
 

न सही से सो पाया।

सरहद पर हर वक्त खड़ा रहा,

 हमारी रक्षा में—
 

भरोसा था एक मर्द,
 

खुद को न्योछावर कर
 

दिया इस वतन पर।

— मोहित जागेटिया

शरद पूर्णिमा

धवल चाँदनी के बीच आज बंशी बजायेंगे।
निधि वन में गोपी संग कान्हा रास रचायेंगे।
हर कला में निरपुणता के साथ चाँद आया है,
नेह, स्नेह की भक्ति में कान्हा प्रेम लुटाएंगे।।
मोहित जागेटिया 


मंगलवार, 29 सितंबर 2026

शरद पूर्णिमा

शरद पूर्णिमा

मन की धवल चाँदनी में अमृत बरसात हो रही है,
आई शरद की पूर्णिमा, तो कहाँ रात हो रही है।

आज शीतलता के हर एक औषधि-गुण से खीर भरी,
कष्ट, रोग मिटा दे सितारों से—ये बात हो रही है।

— मोहित जागेटिया

बुधवार, 16 सितंबर 2026

हिंदी दिवस

विषय -हिंदी भाषा, हिंदी महिमा 
विधा :- कविता 

हिंदी हमारा हौसला, हिंदी हमारा जज़्बात है।
आज हिंदी की बिंदी से हमारी हर मुलाक़ात है।

हिंदी कोई शब्दों का एक खेल नहीं, भावना है।
हिंदी से निकली हर दिन की सारी मंगल कामना है।

हिंदी ये जन-जन में सबके विश्वास को जोड़ती है।
हिंदी हमारी प्रेम की भाषा, सबमें बोलती है।।

आओ हम हिंदी भाषा का मिलकर हम मान बढ़ाएँ।
हिंदी का परचम पूरी दुनिया में बड़ी शान लहराएँ।।

हिंदी को मीरा, तुलसी, सूर, निराला ने गाया है,
महादेवी, मैथिलीशरण, दिनकर ने भी सजाया है।

हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा हो, सबकी अभिलाषा है,
आज सबकी चहेती बने, हिंदी हमारी भाषा है।

नाम :- मोहित जागेटिया
पता :-गाँव सिदडियास, जिला भीलवाड़ा राज.
मोबाईल नंबर :-9950100169



श्री कृष्ण जन्मोत्सव


श्री कृष्ण जन्मोत्सव की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। 🌸🙏

मथुरा की जेल में जन्म लिया,  
बंशी को अधरों पर धर लिया।

पापियों का उसने नाश किया,  
दुराचारियों का वध कर दिया।

जग की हर कला में निपुण रहे ,  
आज भक्तों की पुकार बनकर,

जग में आया वो जगदीश तो,  
दीन-दुःखियों का दर्द हर लिया।
मोहित जागेटिया 🙏

रक्षाबंधन

रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनायें।


विश्वास की कलाई में
अमर प्रेम, अपनत्व की गाथा समाई है।
हर रिश्ता में एक रिश्ता बड़ा,
जहां बहिन-भाई का प्यार है 

राखी एक त्यौहार नही 
परिवार की हर ख़ुशी है.
जिसमें एक भाई की मंगलकनायें 
और बहिन का अहसास भरा है।

रिश्तों का अटूट बंधन जहाँ 
एक रेशम की डोर में बँधा है 
जीवन का सारा सुकून।
मोहित जागेटिया 

नेपाल त्रासदी

नेपाल त्रासदी

पहाड़ टूटे, नदियाँ उफन गईं,

 जल ने जब तांडव किया।
 

आई ईश्वर की त्रासदी जब,
 

इंसान की बनाई दुनिया भी उजड़ गई।


क्या अपना? क्या पराया?
 

किसी का पता नहीं,
 

सबको एक पल में समेट ले गई।
 

सपने टूटे, अपने छूट गए,
 

बचा जो जीवन किसी का,
 

सोच रहा है—जिए अब हम किसके लिए?


रोने के लिए अब कुछ नहीं,
 

खाने के लिए भी सब कुछ खो दिया।

देखा है हमने प्रकृति का ये प्रलय,
 

सोचने-समझने का एक पल भी न दिया।

तो क्यों हम कल की फ़िक्र में पड़े हैं?
 

जब वो तांडव करता है,


 

सब कुछ धरा का धरा रह जाता है।

न अपने, न पराए,
कोई काम नहीं आते हैं,
 

प्रकृति के इस तांडव के आगे
 

सब बेबस हो जाते हैं।

— मोहित जागेटिया