बुधवार, 16 सितंबर 2026

हिंदी दिवस

विषय -हिंदी भाषा, हिंदी महिमा 
विधा :- कविता 

हिंदी हमारा हौसला, हिंदी हमारा जज़्बात है।
आज हिंदी की बिंदी से हमारी हर मुलाक़ात है।

हिंदी कोई शब्दों का एक खेल नहीं, भावना है।
हिंदी से निकली हर दिन की सारी मंगल कामना है।

हिंदी ये जन-जन में सबके विश्वास को जोड़ती है।
हिंदी हमारी प्रेम की भाषा, सबमें बोलती है।।

आओ हम हिंदी भाषा का मिलकर हम मान बढ़ाएँ।
हिंदी का परचम पूरी दुनिया में बड़ी शान लहराएँ।।

हिंदी को मीरा, तुलसी, सूर, निराला ने गाया है,
महादेवी, मैथिलीशरण, दिनकर ने भी सजाया है।

हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा हो, सबकी अभिलाषा है,
आज सबकी चहेती बने, हिंदी हमारी भाषा है।

नाम :- मोहित जागेटिया
पता :-गाँव सिदडियास, जिला भीलवाड़ा राज.
मोबाईल नंबर :-9950100169



श्री कृष्ण जन्मोत्सव


श्री कृष्ण जन्मोत्सव की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। 🌸🙏

मथुरा की जेल में जन्म लिया,  
बंशी को अधरों पर धर लिया।

पापियों का उसने नाश किया,  
दुराचारियों का वध कर दिया।

जग की हर कला में निपुण रहे ,  
आज भक्तों की पुकार बनकर,

जग में आया वो जगदीश तो,  
दीन-दुःखियों का दर्द हर लिया।
मोहित जागेटिया 🙏

रक्षाबंधन

रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनायें।


विश्वास की कलाई में
अमर प्रेम, अपनत्व की गाथा समाई है।
हर रिश्ता में एक रिश्ता बड़ा,
जहां बहिन-भाई का प्यार है 

राखी एक त्यौहार नही 
परिवार की हर ख़ुशी है.
जिसमें एक भाई की मंगलकनायें 
और बहिन का अहसास भरा है।

रिश्तों का अटूट बंधन जहाँ 
एक रेशम की डोर में बँधा है 
जीवन का सारा सुकून।
मोहित जागेटिया 

नेपाल त्रासदी

नेपाल त्रासदी

पहाड़ टूटे, नदियाँ उफन गईं,

 जल ने जब तांडव किया।
 

आई ईश्वर की त्रासदी जब,
 

इंसान की बनाई दुनिया भी उजड़ गई।


क्या अपना? क्या पराया?
 

किसी का पता नहीं,
 

सबको एक पल में समेट ले गई।
 

सपने टूटे, अपने छूट गए,
 

बचा जो जीवन किसी का,
 

सोच रहा है—जिए अब हम किसके लिए?


रोने के लिए अब कुछ नहीं,
 

खाने के लिए भी सब कुछ खो दिया।

देखा है हमने प्रकृति का ये प्रलय,
 

सोचने-समझने का एक पल भी न दिया।

तो क्यों हम कल की फ़िक्र में पड़े हैं?
 

जब वो तांडव करता है,


 

सब कुछ धरा का धरा रह जाता है।

न अपने, न पराए,
कोई काम नहीं आते हैं,
 

प्रकृति के इस तांडव के आगे
 

सब बेबस हो जाते हैं।

— मोहित जागेटिया





मंगलवार, 4 अगस्त 2026

हमने जब से देखा तुमको

हमने जब से देखा तुमको,
वो प्रेम का मौसम आया है।

मेरे दिल की हर धड़कन ने,
आज तुझे अपना बनाया है।

उम्मीदों का ख़्वाब पल रहा,
जब से संग हमने देखा था।

ये प्रीत ऐसी बन गई है, 
मेरे रिश्तों को सजाया है।।

:-मोहित जागेटिया 

गुरू वंदना


गुरुवर वंदना

मंगल-पुष्प वर्षा करो, गुरुदेव जो आएँ।
गुरुदेव के आने से मन मेरा हर्षाए।।

सब बोले मोर-पपीहा, मधुर साज सुनाएँ।
गुरुवर की वंदना में नमन के गीत गाएँ।।

मेरे भाग्य में तुम-से गुरुवर मुझे मिले हैं,
जीवन के पथ पर खुशियों के फूल खिले हैं।

गुरु के आने से खुशियाँ ही खुशियाँ छाईं,
ज्ञान-गंगा बन मेरे आँगन स्वयं ही आई।।

हम शीश झुकाकर गुरुवर को करते प्रणाम,
गुरुवर के पावन चरणों में मिलते चारों धाम।

गुरुवर के आने से मन की ज्योति जल जाए,
मेरे गुरुवर के दर्शन से नयन भर आएँ।।

कुम-कुम रोली,अक्षत से हम भी सत्कार करें।
मेरे गुरुवर की हम सदा जय जयकार करें।।

— मोहित जागेटिया

रविवार, 26 जुलाई 2026

गुरुदेव

   🙏🙏गुरुदेव 🙏🙏

सच्चे मन से हम जिसकी पूजा सदा करें, 
वो दामन हमारी सदा हर ख़ुशी से भरे।
सदा ही मन में भक्ति का हर भाव बढ़ाये, 
सदा ज्योति अनंत मन में ज्ञान की जलाएं।

गुरू जो जीवन के सारे रास्ते बदल दे।
हर पल साया बन कर जो सदा साथ चल दे।।
सबको जीवन में अच्छे बुरे का ज्ञान दे।
क्या है? ईश्वर इसकी कैसे पहचान दे।।

सच्चे गुरू जीवन का रास्ता दिखाते है।
अपने मन के ज्ञान से प्रभु से मिलाते है।
दिव्य रौशनी गुरू की भक्त पर आती है,
जिंदगी में बदकिस्मत भी बदल जाती है।

आओ हम गुरू दर्शन का गुरू धाम करें 
गुरू की पावन चरणों में हम प्रणाम करें।
नमन करें सच्चे मन से सदा वंदन करें। 
जो मिला गुरू मंत्र उसका सदा जतन करें।

:-मोहित जागेटिया