मोहित जागेटिया
शनिवार, 21 फ़रवरी 2026
मैं जब भी कलम चलाता हूँ
मैं जब भी कलम चलाता हूँ, तेरा ही नाम आता है।
लिखता हूँ राधे तो सदा, आगे घनश्याम आता है॥
मुसीबत के हर दौर में, कभी वो गिरने नहीं देता,
ज़िंदगी के सफ़र में वो, हर पल मेरे काम आता है॥
— मोहित जागेटिया
इजहार करती है
ये नज़रें भी तुम्हारा ऐतबार करती हैं,
ये धड़कन भी तुमसे सदा प्यार करती है।
मैं तेरा हूँ, तू मेरी है—बस यही सच है,
मेरी हर साँस तुझसे ही इज़हार करती है।
मोहित जागेटिया
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