हम ऐसा देश बनायेंगे ।
वैसा परिवेश लायेंगे
सभी को खुशियों की दौलत मिले ।
प्रेम वर्षा की मोहब्बत मिले।
सबको मिले यहाँ अधिकार ।
सबको मिले यहाँ पर प्यार ।
हम एक दूजे के काम आये ।
शांति का हम तो पैगाम लाये ।
हम ऐसा देश बनायेंगे ।
वैसा परिवेश लायेंगे ।
ये देश हमारी शान है ।
ये देश हमारा मान है ।
जियेंगे हम देश के लिए।
मरेंगे हम देश के लिए
मोहित
No comments:
Post a Comment