रविवार, 25 जून 2017

नही मुसलमान ,इंसान बने

जहाँ पर खुदा रहता वही पर मेरा भगवान है।

मेरे खुदा  के  घर  में नही हिन्दू ,मुसलमान है।

मेरी सारी खुशियों की दौलत तो ये ही पर है,

जहाँ पर नही नफ़रत वही पर सच्चा इंसान है।

मोहित