गुरुवार, 23 नवंबर 2017

में हर दिन याद करूँगा

में  तुम्हारी  हर याद को नमन करता हूँ।
गुज़रे हुए कल को आज वंदन करता हूँ।
में आस्था,श्रद्धा और सुमन के फूल आज
में  तुम्हारी  चरणों  में  अर्पण  करता हूँ।
मोहित

में  गुजरें  हुए  कल  की याद करता हूँ ।
कल की याद में अब फरियाद करता हूँ।
हर दिन गुजरा हुआ पल याद आता है,
बीती  याद  से  आज  सवांद  करता हूँ।
मोहित