मेरे मष्तिक पर देश का अटल स्वाभिमान ही होगा।
लिखा जो आज जाएं उसीका अब गुनगान ही होगा।
मेरे रक्त की हर बून्द इस वतन पर काम आएगी,
यारों ह्रदय के पटल पर आज हिन्दस्थान ही होगा।।
मोहित