मोहित जागेटिया
शनिवार, 28 मार्च 2020
तेरी याद आती है
मैं दिन से शाम में ढलता हूँ तेरी याद आती है।
सफर में जब भी मैं चलता हूँ तेरी याद आती है।
गुजरे हुए पल को याद कर के ख्वाबों को ले कर अब,
मैं जब भी घर से निकलता हूँ तेरी याद आती है।
मोहित जागेटिया
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