मोहित जागेटिया
सोमवार, 19 अप्रैल 2021
चिताएँ जल रही है
फिर से ये कैसी अब हवाएँ चल रही है।
देख रहे है कितनी चिताएं जल रही है।
सबने सोचा था अब तो कुछ अच्छा होगा,
बीते वक्त की कहानी फिर निकल रही है।
मोहित जागेटिया
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ