मोहित जागेटिया
शुक्रवार, 10 दिसंबर 2021
समझ सकता नही
मैं मन के अधूरे सपनों को अब अधूरा लिखता हूँ ।
उन ख़्वाहिशों के संग अब हकीकत मैं नहीं चलता हूँ ।
मेरे दिल से उतर गई ख्वाबों की एक कहानी जो ,
वो सोच में है नहीं उसको अब समझ नहीं सकता हूँ ।।
-- मोहित जागेटिया
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