मोहित जागेटिया
बुधवार, 6 अप्रैल 2022
सफ़र की आग में जले है
जिन हालातों पर हम चले है।
बड़ी मुश्किल से जो निकले है।
नादान थे समझ न पाएं हम,
सफ़र की उस आग में जले है।।
मोहित जागेटिया
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