बुधवार, 13 नवंबर 2024

मुक्तक श्याम

रोज दर्शन की चाहत का नजारा हो।
हर मुख पर सिमरण सारा का सारा हो। 
मन की भक्ति में सदा ही ये ध्यान रहें,
हर पल संग हमारे श्याम हमारा हो।
मोहित जागेटिया