शुक्रवार, 29 दिसंबर 2017

नव वर्ष 2018

इस साल नही कोई दंगा हो
इस साल हाथों में  तिरंगा हो,
इस साल गरीब की मुस्कान हो
मंजिल सभी की अब आसान हो।

खेतों में लहराती हरियाली
हर घर,आंगन में हो खुशहाली ।
इस साल सब का अपना काम हो
मिटे  देश पर उसी का नाम हो।

इस साल सबकी नई आशा हो
आगें बढ़ने की अभिलाषा हो।
जियें सब मस्ती में वो हाल हो
ऐसा ये पूरा नया साल हो।।
मोहित