सोमवार, 1 जनवरी 2018

गजल

गजल
कभी में गीत लिखूंगा कभी में गजल लिखूंगा ।
तेरी हर एक अदा को खिलता कमल लिखूंगा ।

तुम्हें  पाने  के  लिए  में  हर  वक्त  रोता  हूँ,
जब  बरसती  है  आँखे  तुम्हें  बादल लिखूंगा ।

इस दिल में समा जाहो आज इस में बस जाहों
तुम्हें  पाने  के  लिए  आज  और कल लिखूंगा।

तेरे  ख्यालों  में  जब  कही  और  खो  जाता हूँ
खुद को मोहब्बत के सफर में पागल लिखूंगा ।

हर चहरे में मुझे तुम नजर आती हो तुम्हे तो
किसी का घुंघरू तो किसी की पायल लिखूंगा ।
मोहित