गुरुवार, 26 अप्रैल 2018

इस दिल ने तुमको अपना माना है

मेरी  आँखों  ने  तेरे  ख्वाब  को  आज  पाला  है ।
तेरी हकिगत को हकितग हमने भी अब जाना है।
इन नजरों से दूर हो दिल के तो फिर भी पास हो,
इस दिल ने तुमको ही अपना ही अपना माना है ।

मोहित