आलेख
"सुविधा में दुविधा बन रहा है मोबाइल"
आज के युग मे देखा जाए तो मोबाइल कही प्रकार की सुविधा दे रहा है।समय की बचत के साथ साथ कही प्रकार के महत्वपूर्ण कार्य मोबाइल पर ही हो रहें है।मोबाइल से बहुत सारी सुविधा तो मिल रही है जैसे कि सोशल मीडिया पर हम अपनी कला, अपनी काबिलियत डाल कर आगे बड़ सकते है।किसी भी बात को एक दुझे तक पहुचा सकते है।ऐसे बहुत सारी मोबाइल से सविधा तो मिल रही हैं पर दुविधा भी मोबाइल से हो रही है।मोबाइल से आर्थिक नुकसान तो हो ही रहा है। उसके साथ साथ आपस मे रिश्तों में दूरी मोबाइल से बड़ गई है।एक दुझे के पास होते हुए भी बातचीत नही कर पाते है।मोबाइल के व्यस्त रहते है।एक स्थान पर सब होते हुए भी सब अपने अपने मोबाइल में व्यस्त हुए सब दिल से दूर होते है।आज कल बच्चों का बचपन मोबाइल में बीत रहा है।बाहर की दुनिया से कोई नाता नही रहता है।सारे दोस्त इस पर ही रहते है।हकिगत दोस्तो से मोबाइल से दूरी हो गई है।मोबाइल की वजह से छोटे बच्चे मानसिक तनाव में रहते है।क्योंकि खेलने के लिए समय नही दे पाते है।और तो और कही तरह की दुर्घटनाएं भी मोबाइल से हो रही है क्योंकि ध्यान मोबाइल में रहता है।इस तरह मोबाइल सुविधा तो दे रहा है सुविधा के साथ दुविधा भी हमको मिल रही है।इसलिए मोबाइल को कम समय देना चाहिए।वास्तिक दुनिया के लिए समय होना चाहिए। ।
लेखक मोहित जागेटिया
मो. पो . गांव सिदडियास जिला भीलवाड़ा
राजस्थान pin cod 311011
मोबाइल नम्बर 9950100169