बुधवार, 20 फ़रवरी 2019

मोह

हमेशा  ही  रहता  है  मोह  माया  में  ये  मन।
उलझी मन की आशा में उलझा सबका ही तन।
स्वार्थ की दुनिया के रास्तें छोड़ कर हम भी अब,
ईमान  दिल  मे  रख  कर  सुंदर  बनाएं जीवन।।

इस जीवन को फूलों की तरह हम भी सजाएं।
रिश्तों  को  प्रेम  के  बंधन  के  संग  अपनाएं।
हर दिल मे रखें सबकी भावनाओं का आदर,
मोह माया छोड़ कर जीवन को सफ़ल बनाएं।।