मोहित जागेटिया
मंगलवार, 3 नवंबर 2020
करवा चौथ
उसके ही रूप में मेरा ही श्रृंगार है।
मेरे ही रूप में उसका ही प्रतिकार है।
वो तो मेरा इस करवा चौथ का चांद है ,
उसकी चांदनी में मेरा ही दीदार है।।
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