शनिवार, 30 जनवरी 2021

हिसाब दूंगा



जिंदगी हम से पूछेगी तो हर सवाल का जवाब दूंगा।
अंधेरी राह में खुद को कभी हर रोज आफताब दूंगा।
कैसा रहा मेरी जिंदगी का सफ़र खुली किताब में लिखूं,
बीते हुए दर्द के लम्हें का जिंदगी को हिसाब दूंगा।।
मोहित जागेटिया