मोहित जागेटिया
मंगलवार, 21 फ़रवरी 2023
स्वीकार
मेरी अर्जी को कर लो तुम स्वीकार।
आया हूँ मैं बालक चरणों के द्वार।
अपनी चरणों की रज में बिठा दो तुम,
आपकी वंदना करता हूँ हर बार।।
मोहित जागेटिया
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