मंगलवार, 21 फ़रवरी 2023

किताब

मेरे मन में तेरा ही ख्वाब है।
ये दिल तो मेरी खुली किताब है।
अच्छे के लिए अच्छे है हम भी,
खराब के लिए हम भी खराब है।
मोहित जागेटिया