शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026

श्री हनुमान जन्मोत्सव

प्रभु श्री राम के परम् भक्त,अष्ट सिद्धि, नव निधि के ज्ञाता,शक्ति में सर्वग्या बलवान, भक्ति में परम् निष्ठावाना भक्त संकट मोचन,वीर श्री हनुमान जन्मोत्सव की बहुत-बहुत बधाई और हार्दिक शुभकामनायें। 🙏🙏🙏

 भावना की हर तस्वीर में जुड़े हुए वो भगवान हैं,
साधना की शक्ति में सदा से परिपूर्ण वो बलवान हैं।
कलयुग में भक्तों की हर पुकार सदा सुनने वाले,
अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता, रामभक्त श्री हनुमान हैं।
— मोहित जागेटिया


T -20 वल्ड कप विजय 2026

आज का दिन हर भारतीय के लिए गर्व और खुशी का दिन है। हमारे देश के वीर खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत, लगन और जुनून से विश्व कप जीतकर पूरे भारत का नाम रोशन कर दिया। यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी की जीत नहीं है, बल्कि करोड़ों भारतीयों के सपनों, विश्वास और भावनाओं की जीत है।
जब हमारे खिलाड़ी मैदान में उतरे तो उनके साथ पूरे देश की उम्मीदें और दुआएँ थीं। हर चौका, हर छक्का और हर विकेट के साथ देश का दिल धड़कता रहा। आखिरकार जब जीत का पल आया तो पूरा भारत खुशी से झूम उठा।
यह जीत हमें सिखाती है कि मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। हमारे खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो दुनिया की कोई ताकत हमें आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती।
आज हर भारतीय के चेहरे पर मुस्कान है और दिल में गर्व है। तिरंगा फिर से विश्व मंच पर शान से लहराया है।
हमारे सभी खिलाड़ियों को इस ऐतिहासिक जीत के लिए दिल से बधाई और शुभकामनाएँ।
जय हिंद, जय भारत! 🇮🇳🏆

लहराया तिरंगा फिर आसमान में,
गूंज उठी जयकार हर हिन्दुस्तान में।
मेहनत, हिम्मत और विश्वास की जीत है,
विश्व कप आया फिर हमारे सम्मान में।

खेल भावना से मैदान सजाया,
हर खिलाड़ी ने अपना दम दिखाया।
आज गर्व से कहती है ये दुनिया सारी,
भारत ने फिर विश्व कप घर लाया।
✍️ मोहित जागेटिया

विश्व कप जीत की हार्दिक बधाई! 🏆🇮🇳
हमारे खिलाड़ियों ने मेहनत, हौसले और जुनून से देश का नाम रोशन कर दिया।
आज हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। जय हिंद!

युद्ध और बुद्ध

*युद्ध और बुद्ध*

दुनिया की ये चाल बड़ी ये चाल है।
युद्ध की ओर जा रही ये दुनिया,
बुद्ध को भूल रही।

मानवता भी मर रही,
इंसानियत भी खो रही।

बारूद के मैदान पर पड़ी
जंग-ए-दुनिया!

मतलब की ये दुनिया,
अपने मतलब के लिए
खुद को नीचे न समझे कोई।

खुद की शक्ति के लिए
औरों के विनाश को चुन रही।

विकसित और विकास का
रास्ता बदलकर दुनिया
बारूद का रास्ता अपना रही!

मगर
युद्ध से समस्या का कोई समाधान नहीं।

बुद्ध के रास्ते अपना ले
फिर से ये दुनिया,
मानवता के लिए, प्रकृति के लिए।

शांति की सबसे बड़ी शक्ति है।

हर लड़ाई का अंत बात से हुआ,
तो फिर लड़ाई से पहले
बात-चीत अपना ले।

युद्ध का शोर विकास का विनाश
कर रहा, एक देश दूसरे की मानवता
का कल्याण मिटा रहा है।

शक्ति की सफलता जंग नहीं,
मानवता का कल्याण का भाव रखा
वो सबसे शक्तिशाली है।

— मोहित जागेटिया