बुधवार, 24 जून 2026

यात्रा नेपाल कथा

हमारी नेपाल यात्रा अत्यंत शांत, सुंदर, सद्भावना और आध्यात्मिकता से भरपूर रही।
यह सब गुरुदेव की विशेष कृपा और आशीर्वाद का ही फल था, कि अपने देश से निकलकर विदेश की पावन भूमि नेपाल के काठमांडू में, भगवान पशुपतिनाथ के सानिध्य में पूज्य महामंडलेश्वर जगदीश पुरी जी महाराज के श्रीमुख से शिव कथा का रसपूर्ण आनंद प्राप्त हुआ।
प्रतिदिन भगवान महादेव पशुपतिनाथ के दर्शन का परम सौभाग्य मिला, जिसने मन को अद्भुत शांति और परमानंद से भर दिया।
इसी यात्रा में डोलेश्वर महादेव मंदिर में केदारनाथ जी के शीश स्वरूप बाबा डोलेश्वरनाथ के दिव्य दर्शन का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ। साथ ही प्रथम शक्ति पीठ गुह्येश्वरी मंदिर के दर्शन कर जीवन धन्य हुआ।
इसी पावन धरती पर बूढ़ा नीलकंठ भगवान विष्णु शेष नाग पर शयन दर्शन अद्भुत रहा है। जहां पर हमारे साथियों द्वारा भजनों की धुन का आनंद मिला।
नेपाल की हिमालयी वादियों में स्थित चन्द्रागिरि हिल्स पर बाबा शिव की अद्भुत छटा और प्रकृति की मनमोहक शांति का अनुभव हुआ। वहीं बौद्धनाथ स्तूप के दर्शन से आध्यात्मिक अनुभूति और भी गहरी हो गई।
यह सम्पूर्ण यात्रा गुरुदेव की कृपा, शिव कथा के पावन प्रभाव और भगवान महादेव की असीम अनुकम्पा से ही संभव हो सकी।
इस आध्यात्मिक यात्रा में मेरे आराध्य बाबा पशुपतिनाथ के दर्शन से जो परमानंद और आत्मिक शांति प्राप्त हुई, वह जीवनभर अविस्मरणीय रहेगी।इसी शिव कथा में अलग अलग संतो का दर्शन भी मिला।
सम्पूर्ण शिव कथा में आने वाले भक्त जनों के लिए रहने, ठहरने सुव्यवस्था वहाँ पर भक्तों के रोज सुबह चाय, नास्ता और दोनु समय रोज अलग अलग खाने की व्यवस्था बहुत की अच्छी थी। ये सब हो पाया गुरुदेव महंत दीपक पुरी जी महाराज के कारण।

कल तो तेरा ये शहर मुझे याद आएगा,
ये पर्वत, ये वादियाँ फिर कहाँ से लाएगा।
तेरे शहर की खुशबू मन को भा गई है,
मन की भक्ति में सदा तूँ दर्शनों में पाएगा।
— मोहित जागेटिया
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