विश्वास की कलाई में
अमर प्रेम, अपनत्व की गाथा समाई है।
हर रिश्ता में एक रिश्ता बड़ा,
जहां बहिन-भाई का प्यार है
राखी एक त्यौहार नही
परिवार की हर ख़ुशी है.
जिसमें एक भाई की मंगलकनायें
और बहिन का अहसास भरा है।
रिश्तों का अटूट बंधन जहाँ
एक रेशम की डोर में बँधा है
जीवन का सारा सुकून।
मोहित जागेटिया