शनिवार, 15 अप्रैल 2017

पत्थर बाज पर कविता

उन कुत्तों का भी ईलाज कर दो
मांगे  कश्मीर तो बाज कर दो ।

सेना  पर  जो  भी  पत्थर मारे
सेना  की  गोली  से  अब  हारे।

गद्दारों का तुम वो काम कर दो
मिटा कर उनको अब शाम कर दो।

बहुत हो चुकी उनकी नादानी
बहुत बहक चूका उनका पानी  ।

ना  बने  उनकी  कोई  कहानी
मिट जाए उनकी आज जवानी।

मिटाने  से  ही  ईलाज  होगा
नही  तो  ऐसा ही  आज होगा।

नही सेना का अपमान चहिये
हमें तो सेना की शान चहिये।

हमें  तो गद्दारों से  आजादी
खिलता हुआ हिन्दुस्तान चहिये ।

मोहित

बुधवार, 12 अप्रैल 2017

तुम स्वामी विवेकंदन बनो

कभी गीत कभी गजल कभी छंद बनों ।
हल्की  हल्की  मुस्कान  से  मन्द  बनों ।
तुम जीवन ऐसा जिओ स्वाभिमान का,
कल  के  तुम  स्वामी  विवेकानंद बनों।
मोहित

सोमवार, 10 अप्रैल 2017

हनुमान जयंती पर

श्री हनुमान जन्मोत्सव की  आप सभी सदस्यों को बहुत बहुत बधाई ।
इंसान  के जो  काम  आये  उसे  हम  इंसान कहते है ।
जहाँ पर पाप भी कट जाये उसे हम भगवान कहते है।
कभी भी आ जाये मुसीबत तो तुम उस से घबराना मत
यहाँ  संकट  को  हरने  वाले  को हम हनुमान कहते है ।
मोहित

शनिवार, 8 अप्रैल 2017

नारी

          एक नारी
बेटी से बहु बन के जब हो घर आती है
नारी बन के  वो सारी  खुशियां लाती है।
अपने माँ बाप को घर से छोड़ आती है
अपने रास्ते  को वहाँ  से  मोड़ आती है ।

जब कभी नारी हर आँगन में  महकती है
कभी पँछी की तरह हर जगह चहकती है।
वो चिड़िया है जो हर आँगन में ढल जाती
अब तो नारी खुद के दम पर ही पल जाती।

नारी चूड़ी,पायल,कुम कुम का श्रृंगार है
वही  सरस्वती, लक्ष्मी, सीता अवतार है।
वो  प्रेम  की मूर्त  वो  प्रेम  का सागर है
प्रेम की पाठशाला और प्रेम का  दर है।

दुनिया की आदि आबादी सिर्फ नारी है
भारत  की नारी तो सब पर ही भारी है।
कही  खेल  खेला है नारी ने  दुनिया में
नारी  के  आगे  ये  दुनिया  भी  हारी है।
मोहित जागेटिया

मंगलवार, 4 अप्रैल 2017

आपकी ये दोस्ती कभी नही भूल पाएंगे

तुम  दूर  भी जाओ  हम  तुम्हारे पास आएंगे ।
खुशियों  की झोली कभी तुम्हारे पास लाएंगे ।
जैसा भी  साथ मिला है आपका इस जिंदगी में ,
आपकी  ये दोस्ती हम कभी भूल नही पाएंगे ।
मोहित जागेटिया

रविवार, 2 अप्रैल 2017

अब कभी तुम नाराज मत होना

किसी और के लिए तुम अब साज मत होना।
कल बर्बाद  हो  जाये  वो  आज  मत  होना ।
हो  जाये  ,जाने  अनजाने  में  गलती  तो
तुम  हम  से  कभी  भाई  नाराज  मत  होना ।
मोहित

तुम अब उनकी कभी आवाज़ मत होना ।
छुप  जाहो  सुरों में  वो साज  मत होना ।
चलना  होगा  तुमको  भी  हमारे  साथ
अब  कभी  तुम  हम से नाराज मत होना।।
   मोहित

तुम कहो तो मोहब्बत छोड़ दूंगा ।

तुम कहो तो में मोहब्बत अब छोड़ दूंगा ।
में  हाथ  तुम्हारे  आगे अब  जोड़  दूँगा ।
हमने  वफ़ा  निभाई  तुम बेवफा हो गए ,
जिंदगी  को अब उस रास्ते से मोड़ दूँगा ।
मोहित