जो जश्न हार का यहाँ मनाते है।
जश्न में यहाँ पटाखे जलाते है।
क्या कमी रह गई मेरे भारत में,
जो गीत पाकिस्तान का गाते है।
मोहित
जश्न मनाने का तुम्हें कोई अधिकार नही है।
खेल तो हार जीत का ये युद्ध में हार नही है।
तुम इस धरा पर रहतें हो यहाँ की खाते हो फिर,
कैसा भेद तुम्हारा इस मुल्क से प्यार नही है।
मोहित
बुधवार, 21 जून 2017
भारत की हार पर
शनिवार, 17 जून 2017
पिता पर
Happy father's day
पिता जीवन का अहसास है।
पिता से सब कुछ पास है।
पिता मेरी वन्दना है
पिता पर ही विश्वास है ।
पिता मेरे नवकार है
पिता से ही परिवार है
इन से बड़ा नही कोई,
भगवान के अवतार है।
कभी मेरी मुस्कान है।
कभी मेरा सम्मान है।
करू में कुछ अच्छा कभी
उसमे पिता की शान है।
मोहित
शनिवार, 10 जून 2017
मेरा प्यारा भारत
मेरा प्यारा भारत
सबसे प्यारा मेरा भारत महान है
सबसे अच्छा यहाँ का तो इंसान है।
हिन्दू , मुस्लिम, सिख, ईसाई भाई है
इनको समझना इतना ही आसान है।
सबकी वेश भूषा ,रहन सहन अलग है
सबका अपना अपना एक ईमान है।
यहाँ पर तो पूजा , आस्था विश्वास है
यहाँ पर पत्थर पत्थर में भगवान है ।
संसार में लहराता हमारा झंडा
ये नही झुकें इस में हमारी जान है।
गांव शहर वाला ,गरीब अमीर वाला
ये सबसे प्यारा मेरा हिंदुस्तान है।
मोहित जागेटिया
गुरुवार, 8 जून 2017
मुक्तक
जीने की दुआ देते खुद जीने नही देते है ।
गम को कैसे भूल जाहू पीने नही देते है।
उनकी हर खता से में तो अब मरना चाहता हूँ,
जीने की दुआ से वो अब मरने नही देते है।
मोहित
रात में आँखों से बरसात हो रही थी ।
न जाने क्यों उनसे ही बात हो रही थी।
सोचा उसको कभी अपना नही बना हूँ,
दर्द से मेरी तन्हा रात हो रही थी।
मोहित
सावन पर bhole पर
चन्दन की खुशबू होगी
फूलों का श्रृंगार होगा ।
सावन में सजा मेरे
बोले का दरबार होगा ।
लाखों भक्त आएंगे
भोले की पूजा करेंगे,
भांग धतूरों से सजा
भाले का अवतार होगा।
मोहित
किसान आंदोलन
मंदसौर जल रहा है किसान मर रहा है ।
आज मेरा देश क्यों नही कुछ कर रहा है।
नेता तो नेतागिरी वहाँ पर कर रहा है
आज वहाँ पर तो कल यहा पर कर रहा है।
जिसने खिलाया वो क्यों हर बार मरता है
कोई भी नही इनके लिए कुछ करता है।
जिसने मेहनत की उसकी क्यों नही सुनता
क्यों हर बार मेरा मन इस आग में जलता ।
मोहित
शनिवार, 3 जून 2017
मेरी मोहब्बत की हिफाजत कर गया
मेरी मोहब्बत से वो नफरत करते है ।
किसी और से वो अब मोहब्बत करते है ।
में भूल जाहूँगा आज उस दोस्त को भी ,
जो किसी और की आज हिफाजत करते है।
मोहित