सोमवार, 26 मार्च 2018

हमारा राजस्थान

"जय विजय हमारा राजस्थान"

जय विजय हमारा राजस्थान

जय जय प्यारा ये राजस्थान।।

मरुस्थल वाला ये रेगिस्तान

सबसे आगें ये राजस्थान।।

प्रताप ने तो मान बड़ाया

पन्ना ने सम्मान दिलाया

इतिहास हमारा महान है

सबसे आगे राजस्थान है।।

ये धरती है वो वीरों की

ये धरती है वीर सुरों की।।

शक्ति का प्रदर्शन हुआ है

मिसाईल निरीक्षण हुआ है।

ये धरती तो बलिदानी है

चितौड़ की अमिट निशानी है

चम्बल में बहता पानी है,

ऐसी राजस्थान की कहानी है।।

यहाँ तो मीरा की भक्ति थी

यहाँ तो नारी भी शक्ति थी।

शक्ति भक्ति की यहाँ की धरा

समतल और कभी कभी हरा।।

पुष्कर में ब्रह्मा मंदिर है

कुम्भलगढ़ विश्व धरोहर है।

देशनोक में करनी माता

दर्शन को हर कोई आता।।

इस धरती को मेरा प्रणाम

सरहद के जवान को सलाम।

इस धरती पर अभिनन्दन है

इस धरा पर सबको नमन है।।

मोहित जागेटिया













गुरुवार, 22 मार्च 2018

शहीद दिवस

शहीद दिवस पर में राजगुरु,भगत सिंह,सुखदेव तीनों शहीदों को सलाम करता हूँ
जिन्होंने इस वतन की मिट्टी के लिए उस फाँसी के फंदे को हँसते हँसते चूम लिया।सिर्फ इस मुल्क के खातिर।

नही  रही  थी  जिंदगी  तुम्हारी  सलामत।
मेरे इस वतन की तुमने की थी हिफाजत ।
इस वतन के लिए चूम लिया उस फंदे को,
याद  रहेंगी  हमेशा  तुम्हारी  शहादत।
मोहित

मंगलवार, 20 मार्च 2018

चाहें हवा के आगे अब कोई तूफान आ जाये


हमारी  जान  में एक दिन तुम्हारी जान आ जायें।

साथ जीवन को जीने का तुम्हें अरमान आ जाएं।

एक हसरत है इस  दिल  मे  तुम्हें हमेशा पाने की ,

चाहें  हवा  के  आगें  अब  कोई तूफान आ जायें।।

मोहित

गुरुवार, 15 मार्च 2018

हिन्दू नव वर्ष

हमारा भी नव वर्ष आया।
मंगल हर्ष उत्कर्ष छाया।
प्रकति का रूप बदलने लगा
उपवन का सुमन खिलने लगा।

चैत्र एकम का ये मधु मास
इसी में नव दुर्गा उपवास
राम का इस मे है अवतार
इस नव वर्ष से हमको प्यार।

हम मंगल दीप को जलायें
हर घर द्वार को भी सजायें।
हम मंगल आरती उतारे
आज स्वागत करें हम सारे।

हमारी संस्कति का सम्मान 
भारत वर्ष की ये पहचान।
हिन्दू नव वर्ष स्वीकार है
आज हिन्दू का त्योहार है।
मोहित

सियासत पर

सियासत की बुलन्दी अच्छे अच्छे को हिला देती है।
सियासत को भी जनता ऊँचे से नीछे सुला देती है।
इस लोकतंत्र में जब भी जनता फैसला लेती है तो,
अच्छे  अच्छे  नेता  को  भी मिट्टी में मिला देती है।।
मोहित

सोमवार, 5 मार्च 2018

तुम्हारी इबाबत न होती


अगर मोहन तुम्हारी कभी ये शरारत न होती
तुमको चाहने की हमको मोहन आदत न होती।

कभी तेरे दर्शन के लिए तेरे दर तो आते
दर्शन न होते अगर तुम्हारी इजाज़त न होती ।

में भटक जाता इधर उधर इस संसार मे मोहन
अगर मेरे पास तेरी प्रेम की दोलत न होती।

गोपियों की रोज तुम ऐसे मटकी न फाड़ते तो
कभी यशोदा से तुम्हारी ये शिकातय न होती।।

अगर तुम कभी दुराचारी का विनाश न करते तो
आज तुम्हारी ये संसार में इबाबत न होती।।
मोहित

दोस्ताना

हमेशा  मुस्कराता  रहें  ये  दोस्ताना  हमारा।
मिलें एक दूजे को प्यार सबका भरपूर सारा।।
न कोई द्वेष हो न कोई नफरत सबका प्यार हो,
ऐसे  ही  रिश्तों  से  सजा रहें दोस्ताना प्यारा।।
मोहित