शुक्रवार, 7 सितंबर 2018

आखों में पानी

तेरी मेरी ये प्रेम कहानी है
तेरे साथ मेरी जिंदगानी है
मैने चाहत से ज्यादा चाहा,
इसलिए आखों में आज पानी है।।
मोहित

जल झूलने आये श्याम

हो !बांसुरी वाले श्याम तुम।
बन के आये आज राम तुम।
जल झूलने चले आये तुम,
मेरी हर गली हो धाम तुम।।
मोहित

फिर से बात हो जाये

तुम  से  बात  हो  रही  तुम से मुलाकात हो जायें।
मैं  सपने  जो  देखूं  आज  सच  वो रात हो जाएं।
तेरी  मेरी  हर  खता को मिल कर अब भूल जाएं
एक  दूसरे  से  फिर  से  हमारी  बात  हो  जायें।।
मोहित

रविवार, 2 सितंबर 2018

श्याम बनूंगा

तू  मेरी  राधा  बन  मैं तेरा श्याम बनूंगा।
सदा रहें जो प्रेम कहानी वो धाम बनूंगा।
जन्म  जन्म  की  तेरी मेरी प्रेम कहानी हो,
जब कभी तू कृष्ण तो में राधा नाम बनूंगा।
मोहित

में उसकी राधा वही मेरा श्याम

में  उसके  नाम  हूँ वो मेरे नाम है।
में उसकी राधा वही मेरा श्याम है।
में  राधे  उसकी  की  हूँ वो मेरा है,
मेरा  हो  नाम  है  मेरा  वो  राम  है।।
मोहित

शनिवार, 1 सितंबर 2018

कृष्ण

वंदावन  प्यारा  था  मथुरा का लाला था
वो नन्द दुलारा था गोकुल का ग्वाला था
हाथ  में  मुरली  थी  यशोदा  ने पाला था
वो कृष्ण  सावली  सूरत  वाला  काला था
मोहित

उधार

जीवन का बस एक आधार,
नही चाहिए हमको उधार।
बना रहे हमारा ये प्यार
चलता रहे ऐसे व्यापार।।

जिंदगी है एक दुकान
प्यार का इस मे सामान।
में करता रहूँ उपकार
कभी नही होवें ये उधार।