शनिवार, 11 मई 2019

जब जब तेरी याद आती है।

जब जब तेरी याद आती है
मन ही नही तन भी रोता है।
जब भी तू दूर जाती है तो
ये मन भी अकेला होता है।।

तेरी यादों के संग ये दिल
हर पल तेरे साथ चलता है।
आज पास नही तू मेरे तो
ये मन तेरे संग रहता है।।

जब जब तेरी याद आती
ये आँखे समंदर बन जाती।
जब भी तू दिल से दूर जाती
मुझे तेरी याद बहुत आती।।

तेरे ख्वाबो में आज रहता
तुम में हर वक्त खो जाता हूँ।
तेरे दिल के पास आ कर अब
मैं तेरे नाम हो जाता हूँ।।

विरह की वेदना अब हर वक्त
तेरी याद से तड़पाती है।
आखों से नदिया निकलती है
जब जब तेरी याद आती है।।

मोहित जागेटिया

शुक्रवार, 10 मई 2019

परिणाम

देख कर उनका माहौल
ऐसा लग रहा है
फिर वही आएगा।
जनता ने चुन लिया है
जनता उसको ही चुन रही है।
किया उसने जनता का हर काम
हुआ उसके राज में देश का नाम
सब अपना अपना अनुमान
लगा रहे है।
क्या पता कौन कहा होगा
ये कहना इतना आसान नही
करो अब तोड़ा और इंतजार
आने में है कुछ दिन बाद
सबके सामने परिणाम।
कौन विजय होगा
किसका अंत होगा
ये तो नतीजा बताएगा।।
मोहित जागेटिया
भीलवाड़ा राज.

महाराणा प्रताप

महाराणा प्रताप जयंती पर शत शत नमन
1
राजस्थान की आन बान शान था
वो मेवाड़ धरा का स्वाभिमान था
जिसमें राजस्थान का इतिहास था
उसमे महाराणा का बलिदान था।।
2
जिसने राजस्थान की अमर कहानी लिख दी।
कुर्बान हुआ चेतक उसकी निशानी लिख दी।
उसने मेवाड़ को कभी भी झुकने नही दिया ,
खुद महाराणा प्रताप ने कुर्बानी लिख दी।।

बुधवार, 8 मई 2019

अब इंतजार नही करूँगा

कभी में किसी के पीछे कभी वार नही करूँगा।
हुई जो गलती उसको अब हर बार नही करूँगा।
दिन होगा, शाम ढलेगी और रात भी आएगी,
कभी उसकी बात का अब इंतजार नही करूँगा।।
मोहित जागेटिया

कवि हूँ मैं

कवि  हूँ  मैं  कविता  से  प्यार  का पैगाम दूंगा।
देश भक्ति  का  नशा  छाए  मैं  वो  जाम  दूंगा।
धड़कनों में बस एक नाम हो एक नाम वास हो
सबसे  पहले  मैं  हिन्दुस्थान  का  नाम  दूंगा।
मोहित जागेटिया

जीवन की किताब ने पढ़ाया बहुत है


                गज़ल
लोगों के प्यार ने हमें सिखाया बहुत है।
अपनों के वार ने हमें बड़ाया बहुत है।

हम उन किताबों से जितना सिख नही पाएं
पर जीवन की किताब ने पढ़ाया बहुत है।।

दुश्मन की हर घात को दिल पर सहते रहें
प्रेम के शब्द से रिश्ता निभाया बहुत है।।

कभी चल रहें थे कामयाबी के शिखर पर
हमको जालिम दुनिया ने दबाया बहुत है ।।

पैसे की दौलत नही प्यार की दौलत ही
हमने प्रेम का धन आज कमाया बहुत है।

प्रेम की दौलत से भरा है ये वो सागर
इस प्रेम की शोहरत को लुटाया बहुत है।
मोहित जागेटिया
भीलवाड़ा राज.

गुरुवार, 2 मई 2019

प्राथना सरस्वती

हमको चरणों मे लगा दो
हे माँ तेरी शरण आयें।
खुशी के तुम दीप जला दो
श्रद्धा के हम फूल लायें।1
हम बालक तेरे पुजारी
करें हम तन मन से वन्दन ।
अम्बर से ज्ञान बरसा दो
सबका महक जाएं जीवन।2
जीवन मे रौशनी भर दो
दे दो प्यार का तुम सागर।
प्रकास की ज्योति जल जाएं
हम बालक आज तेरे दर।3
तुम पुष्प वर्षा बरसा दो
हे माँ तेरी शरण आयें।
अज्ञानता को तुम मिटा दो
तेरी वंदना हम गायें ।।4
प्रेम की भाषा हम बोले
ऐसा अब तुम संसार दो।
हम तो छोटे से है फूल
बस माँ हमको तुम प्यार दो। 5

मोहित जागेटिया
भीलवाड़ा राज.