हिंदी सबकी शान है ,हिंदी पर अभिमान।
हिंदी का बखान करें, हिंदी हो पहचान।।
सोमवार, 16 सितंबर 2019
शनिवार, 7 सितंबर 2019
रेखा
मुक्तक
तुम ही मेरी जिंदगी मैं तुम्हारा प्यार हूँ।
तुम मेरा सफर मैं तुम्हारा राजकुमार हूँ।
रब से तुम्हें बनाने मैं तुमको अर्धांगनी ,
आज तुम्हें लेने आया तुम्हारे द्वार हूँ।।
अब होगी तुम्हारी और मेरी ये कहानी।
तुम्हारी आँखों से कभी नही आएं पानी।
ये रिश्ता तुम से मैने तन मन से जोड़ा है,
तुम्हें बना कर रखूंगा हर पल मेरी रानी।।
जन्मों का रिश्ता साथ फेरो से निभाऊँगा।
आज रब से तुम्हें मेरी दुल्हन बनाऊँगा।
अब तुम्हारे प्यार के बंधन में बंध कर मैं,
हमेशा जिंदगी तुम्हारी अब महकाऊँगा।।
हर फेरों से बांध लिया जन्मों का ये बन्धन।
एक दूजे को हमने कर दिया अर्पण तन मन।
मैंने रीति रस्मों संग थामा हाथ तुम्हारा।
रेखा तुम बन गई ,हमेशा को मेरी दुल्हन।।
मोहित जागेटिया
जल झुलनी पर
रंग गुलाल खेलने और जल में झूलने चले श्याम।
सारी बस्ती सज धज तैयार आएं जैसे वो राम।
भगवान श्याम के स्वागत में सारे नगरवासी खड़े ,
सारी नगरी नगरी द्वार द्वार प्रभु का बन गया धाम।।
मोहित जागेटिया
पग पग उसका धाम है,मुरली वाला नाम।
जहाँ बिराजे कोटड़ी,वो प्रभु मेरे श्याम।।
आते जाते भक्त है,सच्चे वो दरबार।
जहाँ बिराजे श्याम है,उसकी जय जयकार
हिंदी दिवस पर
हिंदी सबकी शान है ,हिंदी पर अभिमान।
हिंदी का बखान करें, हिंदी हो पहचान।।
हिंदी भाषा
मैं हिंदी माँ बेटा हूँ हिंदी का सम्मान लिखूँगा।
मैं अपने गीत गजल कविता से ये पहचान लिखूँगा
आज मुझे हिंदी की बिंदी का जो भी प्यार मिला है,
हिंदी के पंख पर आसमान में उड़ान लिखूँगा
हिंदी हम सबकी शान हो हिंदी भाषा से प्यार हो।
हिंदी से रिश्ता हम बनाने हिंदी से व्यवहार हो।।
हिंदी डोर है जो हम सबको अपनों में बांधती है,
सदा करें हम सम्मान इस भाषा का बस विस्तार हो।।
शब्द शब्द हिंदी के हर शब्द का हमको भी ज्ञान हो।
हिंदी भाषा से संस्कारों और संस्कृति का गान हो।
ह्रदय के भावों का शब्दों की आवाज का साज हो,
हिंदी पर हमको अभिमान हिंदी भाषा पहचान हो।।
हिंदी को मान सम्मान मिलें आज ये अभिलाषा हो।
राष्ट्र उन्नति में हिंदी भाषा हमारी अब आशा हो।
हिंदी की बिंदी का परचम सारे जग पर छा जाएं,
हम हिंदी को अपनाएं ये हमारी राष्ट भाषा हो।।
मोहित जागेटिया
चन्द्रयान की असफलता पर
चाँद से हार नही मानी कह दो चाँद से फिर आएंगे।
कामयाबी का फिर वही इरादा ले सफलता पाएंगे।
चाँद से सम्पर्क टूटा है कोई संकल्प नही टूटा,
एक दिन फिर से हम उसी चाँद पर तिरंगा लहरायेंगे।।
मोहित जागेटिया
सोमवार, 2 सितंबर 2019
गणेश चतुर्थी
*🌹🌹*गणेश चतुर्थी*🌹🌹*
02/09/2019 सोमवार
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
*विषय----- गजानन (दोहा छन्द)*
आप सबको गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं।।
भगवान गणेश सबका मंगल करें।
मंगल हो मंगल करें ,हम ले उनका नाम।
करें गजानन हम नमन,मंगल होगा काम।।
हे गणपति करना दया,ये विनती हर बार।
दूर कष्ट सब ही करो,खड़े तुम्हारे द्वार।।
प्रथम पूज्य तुम देवता, रहते तुम हर द्वार।
गली,शहर हर गूँजता,जय गणेश जयकार।।
लम्बोदर हे नाथ तुम, तुमको नित्य प्रणाम।
दूर विघ्न बाधा करें,होय सफल सब काम।
मोहित जागेटिया
🙏
रविवार, 1 सितंबर 2019
अतुकांत कविता
अप्रतिम छवि
प्रकृतिअनुकूल वातावरण
संध्या,,,,
पंछी लौट रहें थे
अपने अपने घर!
ची ची की आवाज का
मधुर गान का स्वर
पंछी से गुज रहा था।
मौसम सुहाना
बारिश का आना लग रहा था
कुछ पल
पहले बहुत उमस
बाद में ठंडी ठंडी हवा की
लहरें।
मैं अपने आंगन की छत से
प्रकति की शोभा को
निहार रहा था।।
आसमान के बादल काले हो रहे थे
हरियाली से धरती का श्रृंगार हो रहा था
पास ही सरोवर की लहरें
किनारों से मिलने को बेताब हो रही थी।
देखने मे ऐसे लग रहा था
गगन कोई प्रिय और
ये धरती प्रेयसी दिख रही थी।
ये धरती सोलह श्रृंगार कर बैठी थी
काले बादल बारिश बन कर
प्रेयसी से मिलने को बेताब लग रहा था।।
वो ही संध्या आरती का समय
आरती की घण्टी,शंख,,,उनका गान
कर रहें थे।।
मोहित जागेटिया