रविवार, 30 सितंबर 2018

नियम कुण्डलिया

कुण्डलिया छंद विधान

प्रथम दो पंक्ति दोहा
दोहे के प्रथम व तीसरे चरण में '
13,13  दूसरे व चौथे चरण में   11,11मात्राएं व अन्त में तुकान्त में एक गुरु एक लघु।

चार चरण रोला के
24 मात्रा प्रत्येक में
11,13 यति
11 पर
दोहे का अंतिम चरण  रोला का प्रथम चरण
दोहे का प्रथम शब्द रोला का अंतिम शब्द।

जो सुख में भजते नही, दुख में भजते नाम।
सुख में जो भजते कभी, उनका तो है राम।।
उनका तो है राम ,जिनका वो भगवान है।
होता सबका काम,मिलता जब हनुमान है।।
मिलता सबको ज्ञान, होता उनका नाम जो।
पूजा करना मान, सब दुख हरते राम जो।।
मोहित जागेटिया

धरती का वो लाल है, हम सब की है शान।
आन बान औ शान वो , वह  देश का किसान।।
वह देश का किसान ,हम सबका भगवान है।
किसान से है धान ,धन्य  आज ईमान है।।
कह मोहित कविराय,,प्यार लगन श्रम हरती।
जब ढल जाती शाम, तब करती प्यार धरती।।
मोहित

आज बधाई जो मिली,मुझे खूब स्वीकार।
तन मन से  है शुक्रिया,तहदिल से आभार।
तह दिल से आभार, आप भी सदा मौज में।
मिलें जु खुशी हजार, बनी रहें जो रोज में।।
धन्यवाद स्वीकार ,बना रहें मेरा ही काज।
बना रहें ये प्यार, कल जो था वो ही आज।।
मोहित

जनता राजस्थान की, मेडम से नाराज।
कोई सुनता भी नही ,नही हो रहा काज।।
नही हो रहा काज ,सुन लो मेडम आज तो
अब  जाएगा  राज ,नही  बचेगा  राज  तो
तुम्हारी ये हार , तुम से कुछ नहीं बनता
नही रहा अब सार, रही परेशान जनता।।
मोहित

नाम एक बस राम है, हम सबका वो राम।
सबसे अच्छा नाम है, सबसे प्यारा श्याम।।
सबसे प्यारा श्याम ,श्याम की जो है राधा।
सबसे प्यारा नाम,श्याम राधा बिन आधा।।
जीवन आये काम ,हम करे नेक ही काम।
जीवन होगा पार, है राम एक ही नाम।।
मोहित

कुण्डलिया छंद जन्म दिन धन्यवाद

आज बधाई जो मिली,मुझे खूब स्वीकार।
तन मन से  है शुक्रिया,तहदिल से आभार।
तह दिल से आभार, आप भी सदा मौज में।
मिलें जु खुशी हजार, बनी रहें जो रोज में।।
धन्यवाद स्वीकार ,बना रहें मेरा ही काज।
बना रहें ये प्यार, कल जो था वो ही आज।।
मोहित

शनिवार, 29 सितंबर 2018

जान लिया

तुमने हमको जान लिया, हमने  तुमको जान लिया।
मेरे  दिल  ने तुम्हारे  ,दिल  को अब पहचान लिया।
कभी  मेरे  साथ  आ  कर  प्यार के सफर में चल के,
तुमने अपना मान लिया ,मैने  अपना  मान  लिया।।
मोहित

शुक्रवार, 28 सितंबर 2018

खुद का जन्म दिन

उम्र का क्या अफसाना जो चली जाएगी
जो जायेगी वह फिर लौट नही आएगी।।
रोज  जीना,मरना  ये  ही  तो  जिंदगी है,
जिंदगी खुद जिंदगी का सफर बनाएगी।।
मोहित

गुरुवार, 27 सितंबर 2018

दोहें

पहला प्रयास दोहें लिखने का।

हम सबका वो धाम है, उसका ही है नाम।
हम सबका वो श्याम है , वो तो मेरा राम।।

तुम ही मेरी जान हो ,तुम ही मेरा प्यार।
तुम सच्ची मुस्कान हो ,तुम ही हो स्वीकार।।

धरती का वो लाल है, हम सब की है शान।
आन बान वो शान है,देश का है किसान।।

मोहित मेरा नाम है, खुद का अपना काम।
दिल मे रखता प्यार मैं, सभी को है प्रणाम।।

जनता राजस्थान की, मेडम से नाराज।
कोई सुनता भी नही ,नही हो रहा काज।।

तू  तो  मेरा  यार  है ,में  भी  तेरा  यार ।
दिल का तू भी प्यार है ,में तेरा दिलदार।।

आज मिला जो प्यार है, वो तो है स्वीकार।
इसका हर पल शुक्रिया, तहदिल से आभार।।

आज बधाई जो मिली,मुझे खूब स्वीकार।
तन मन से  है शुक्रिया,तहदिल से आभार।।

सरहद की तुम शान हो ,भारत की हो आन।
हाथों  में  है  तिरंगा ,तुम  हो  मेरी  जान।।

ये मन भावे ललित का ,रिश्ता रहें विशाल
महावीर का साथ हो ,पास हो तुम विकास।।

हर पल तेरा साथ हो, आया माँ तेरी शरण
सिर पर तेरा हाथ हो ,प्रणाम तेरी चरण।।

तेरे मेरे शब्द में ,प्यार जो है अपार।
जब रहता में साथ हूँ,जैसे है परिवार।।

इस दिल मे वो राज है,दिल भी उनके पास।
कैसा अब ये प्यार है,वो दिल भी है कास।।

हो अपनी सरकार ये, मत होना लाचार।
बन जाएं मतदान से ,अपनी ही सरकार।।

सही करो मतदान तुम ,हो अच्छी सरकार।
अच्छे नेता को चुनो , जीते जो हर बार।।

जनता की सरकार हो , खूब पड़े मतदान।
जो भी जनता की सुने ,हो उस का गुणगान।।

मेरे भारत देश की , लोकतंत्र की शान।
पहले तो मतदान है ,बाद में खान पान।।

मेरे प्रभु भगवान है ,वो ही मेरा धाम।
हम सब की हो वंदना,दिल मे हो बस राम।।

मोहित मेरा नाम है, सभी को है प्रणाम।
मैं सबको मोहित करू,करू मैं राम राम।।

सबके घर लक्ष्मी रहें,सबके घर धन धान।
विनती प्रभु से हम करे,हो सबका कल्याण।।




मंगलवार, 25 सितंबर 2018

किसान

                      किसान

धरती का वो लाल है, हम सब की है शान।
आन बान वो शान है,देश का है किसान।।

जिस मिट्टी ने सब कुछ दिया वो हिंदुस्थान है।
भूखा  प्यासा  मरता  इस देश का किसान है।
हमेशा अपनी  मेहनत  का  सबको खिलाता ,
खुद भूखा रहता क्या ये भारत की शान है।।

हमारी भूख  मिटाता  कभी खुद भूखा रहता ।
गर्मी, सर्दी , वर्षा  खेत  की  मेड  पर  सहता ।
रात  दिन  अपनी  मेहनत  का पसीना बहाता,
जब  जा  कर  हमारे लिए वो अन पैदा करता।।

हर किसान की फसल का अब सम्मान हो ।
किसान  के  आंगन  में  आज  मुस्कान हो ।
जहाँ  पर  हरियाली  और  खुशहाली  हो ,
वो   भारत  देश  का समृद्ध  किसान  हो ।।
मोहित जागेटिया

दोहा


हम सबका वो धाम है, उसका ही है नाम।
हम सबका वो श्याम है , वो तो मेरा राम।।
मोहित