सोमवार, 29 मार्च 2021

आओ तुम्हें राजस्थान दिखाता हूँ

*_"राजस्थान -दिवस "की हार्दिक शुभकामनाएँ ..._*

*आओ तुम्हें हमारा राजस्थान दिखाता हूँ ।*
*प्रताप के शौर्य की गाथा सबको सुनाता हूँ ।।*

*उस हल्दीघाटी का इतिहास याद दिलाता हूँ ।*
*कृष्ण दीवानी मीरा की भक्ति को बताता हूँ ।।*

*उदयपुर की झीलों की नगरी आज दिखाता हूँ ।*
*गोरबंध के मधुर-मधुर गीतों को सुनाता हूँ ।।*

*कुम्भलगढ़ और चितौड़ का पराक्रम दिखाता हूँ ।*
*जयपुर हवामहल के जन्नत का अहसास बताता हूँ ।।*

*मुंड कटे धड़ लड़े वह राजस्थान का बलिदान ।*
*मारवाड़ की मधुर वाणी मेवाड़ का अरमान ।।*

*खेत में उपजे मक्का , बाजरा ,गेंहू और धान ।*
*सिर पर बँधी पगड़ी इसी राजस्थान की शान ।।*

*ये रेतीली धरती है रणवीरों की खान ।*
*रंग-रंगीला हमारा ये प्यारा राजस्थान ।।*

*-- मोहित जागेटिया*

राजस्थान दिवस

जो अमर कहानी रही,जिसका ऊंचा मान।
ये वीरों की शान है,धरती राजस्थान।।
:-मोहित जागेटिया

शनिवार, 20 मार्च 2021

सखी लो फाग आया


*आज ये मौसम आया फाग का*

गीतों में रस भरा अनुराग का।
रंगों में नशा हो अब भांग का।
आनंद से फाग उत्सव मनाएं,
आज ये मौसम आया फाग का। ।

मन में उमंग दिल में बसा प्यार।
फाग की आई आज ये बहार।
सखी संग होली खेले रसिया,
आया होली का आज त्योहार।

कलियां खिल रही महकते उपवन।
होली के फागुन में खिलता तन।
ब्रज की होली के रंग में वो,
प्रेम रंग से खिल जाता हर मन।

मन मे उमंग उत्साह की आग।
खिलता यौवन की कली से बाग।
खेतों में लहराती जो सरसों,
 सखियों लो आया महीना फाग।
:-मोहित जागेटिया

शुक्रवार, 19 मार्च 2021

खाटू श्याम


* मेरा खाटू श्याम*

जीवन में थी खाटू आने की मुझे आस ।
श्याम बाबा ने बुलाया मुझे उनके पास।
सुनता है  सबकी उसने मेरी भी सुन ली,
भरोसा मुझे उस पर सदा ही था विश्वास।

कभी मन में लगन थी करूँ श्याम का दर्शन।
उसके  दर्शन  से  धन्य  हो  गया  ये  जीवन।
मान  गया  हूँ ,मैं  सच  में  वो  तो  दयालु है,
सदा ही पूजा करता मेरा  यही तन मन।

मैं खाटू में आ कर खाटू को जान गया।
हारे का सहारा श्याम को मैं मान गया।
सब कुछ मिलता है उसके दरबार में आज,
खाटू की रहमत को मैं आ कर भान गया।

हर हारे की सुनता है सच में वो पुकार।
लाखों भक्तों से भरा खाटू का दरबार।
सच्चे मन में हो आस्था तो वो सुनता है,
हर दीन दुखियों की करता है वो उद्धार ।

नये नये हर फूलों से सजा उसका धाम
जीवन महक जाता,जो लेता उसका नाम।
उनकी चरणों बार बार नमन और वंदन,
मेरे मन में बस गया  मेरा खाटू श्याम।
मोहित जागेटिया


 

बुधवार, 24 फ़रवरी 2021

वो जान कर भी अनजान है

वो जान कर भी क्यों मुझे से आज अनजान है।
खामोश लबों से लगता जैसे बेजुबान है।
किस बात की सजा रोज-रोज मुझे वो दे रहे,
जिंदगी उनके संग जीना नही आसान है।।

लगता है जीवन मेरा उनसे तो हार गया।
अपनों का दर्द ही आज अपनों को मार गया।
कैसे करे जिंदगी का आगे का सफर आज,
ये सफर उनका न इस पार न उस पार गया।।

किस लिए हम को चुना जब दिल में नही प्यार था।
सब कुछ पहले ही बता देते जब अधिकार था।
अब क्या?करना सोच लो,कर लो फैसला जो करना,
अगर अब भी न समझे तो ये जीवन बेकार था
मोहित जागेटिया


वसंत

 प्रकति के रूप का नही कोई अंत है।
खिलती धरा का श्रृंगार भी अनंत है।
पुष्प से महकता पराग पवन गुलजार,
प्रेम उत्साह का मौसम ये वसंत है।।
मोहित जागेटिया

असर जीवन पर होगा


उनकी यादों में मेरी यादों का सफर होगा।
जो भी होगा उसमें कुछ तो ये ही मगर होगा।
जब जिंदगी भर अहसास होगा बीते वक्त का,
उन बातों ही बातों का असर जीवन पर होगा।।
मोहित जागेटिया