सोमवार, 19 जून 2023

गुरुदेव को वंदना



आपको मैं शब्द सुमन से नमन करता हूँ ।
हाथ जोड़ सदा आपको वंदन करता हूँ ।।

मैं आया हूँ चरणों में तुम करो स्वीकार ।
इस जीवन की नैया को करो तुम तो पार ।
सेवक बन कर आपकी सेवा हर पल करें ,
हर बार हर मुसीबत को आप ही हल करें ।
जीवन का बना दो ऐसा तुम तो आधार ,
ऐ गुरुदेव आपकी करें हम जय-जयकार ।।

ये क़िस्मत वालों को मिलता आपका द्वार ।
सच्ची भक्ति के दर्शन वाला ये दरबार ।
आता है आपके चरणों में जो भी दास ,
पूरी होती इस जीवन की हर एक वो आस ।
सच्चे मन से करते आप तो सबको प्यार ,
ऐ गुरुदेव आपकी करें हम जय-जयकार ।।

शिव की चरणों में गुरुदेव का पावन धाम ।
नीलकंठ की वंदना से होता सब काम ।
जग में अंधकार से लड़ता आपका नाम ,
गुरुदेव की चरणों में बारम्बार प्रमाण ।।
आपकी पूजा से कभी नहीं मिलती हार ,
ऐ गुरुदेव आपकी करें हम जय-जयकार ।।

*-- मोहित जागेटिया*

शुक्रवार, 2 जून 2023

उपहार


क्या तुम्हें मैं आज उपहार दूं।
सोचता हूँ जीवन हर बार दूं।
सलामत रहें ये जिंदगी सदा,
मैं जिंदगी भर तुम्हें प्यार दूं ।।
मोहित जागेटिया

प्यार करूँगा


तुम्हें सदा खुश रखूंगा,
ये दुआ ईश्वर से हर बार करूँगा।
तेरी चाहत बन कर मैं,
तेरी धड़कन से सदा प्यार करूँगा।
जिंदगी का मोड़ कैसा?
ये वो हर वक्त ही बताएगा कभी।
कैसा भी हो ये सफ़र,
जिंदगी भर तुम्हें स्वीकार करूँगा।
मोहित जागेटिया

बुधवार, 31 मई 2023

ग़ज़ल

प्यार भरा ये कैसा सफ़र मिला है।
देखा जो उधर वही इधर मिला है।

हर ख़्वाब,उम्मीद सच में सच तो है,
इस जीवन का एक घर जो मिला है।

कुछ उम्मीद की रौशनी जो आई,
गाँव छूटा तो आज शहर मिला है।

जिस रिश्तों का यहाँ पर विश्वास हो,
साथ उनका ये जीवन भर मिला है।।








शादी का पहला महीना

मोहब्बत जो तुम से न कोई शिकायत मिली।
सदा महफूज हो जिंदगी वो अमानत मिली।
एक-दूजे  का  हाथ  थाम  सफ़र  में  चले ,
जिंदगी के सफ़र में सच्ची चाहत मिली।।
मोहित जागेटिया

महाराणा

मेवाड़ पर जिसकी अमिट निशानी है।
जिसके शौर्य,पराक्रम की कहानी है।।

जिसने जीते जी कभी हार न मानी।।
आँखों में बहता सम्मान का पानी।।

धरती हल्दीघाटी की वो शान है।
इस राजस्थान का वो स्वाभिमान है।

महाराणा प्रताप वीरता का नाम ।
उस शहीद चेतक का वो पावन धाम।।

वो अटल हिमालय में चमकता तारा।
महाराणा की चरणों नमन हमारा।।
मोहित जागेटिया


अतुकांत कविता

*लव ज़िहाद*

तुम अभी भी नहीं जागे
तो देख लेना ये अंज़ाम कल 
बहुत बुरा होगा ।
आँखों के सामने वो लोग
 क्या-क्या कर रहें हैं ?
 देख लो एक चश्मे से
 अंदर की आत्मा से
 कैसी-कैसी घटनाएं
 एक साजिश के साथ घट
 रहीं हैं ।
 हर एक बेटी कैसे-कैसे
 साजिश का शिकार हो रही है ।
 बस प्रेम के चक्कर में
 ख़ुद को वो मिटा रही है।
 ये कैसा प्रेम जो ख़ुद
 चाकू की नोक पर
 कट रही है ?
 बिना सोचे-समझे ये 
 प्रेम का नतीजा है जो हर बार
 टुकड़ों में कट रहीं हैं।
हर घटनाएँ सीख दे रहीं हैं
तुम बेटियाँ अब तो जाग जाओ
इस प्रेम में ख़ुद को बर्बाद मत करो ।
इस जीवन में कुछ  फैसला घरवालों
की इजाज़त से भी ले लो ।
देख लो आने वाला कल का समय कैसा होगा ?
आज देख लो । ये जीने नहीं देंगे
ये ख़ुद समय आज बता रहा है ।
कैसे-कैसे हर हिन्दू बेटी लव-ज़िहाद का
शिकार हो रही है ।
हर घटनाओं को जानकर बेटियाँ क्यों 
अनजान हो रही है ??

*-- मोहित जागेटिया*