शुक्रवार, 30 जून 2017

गुरु वन्दना

गरुदेव  मिलें  मुझे  तुम्हारा  सहारा
मेरा  साथ  बना   रहें  हमेशा  तुम्हारा।
गुरुज्ञान  से मेरा ज्ञान का दीप जलाना
इस दुनिया से हटा के चरणों में लगाना।
इस मोह माया की दुनिया से अब तार दो
संसार  से अपनी  चरणों में स्वीकार लो
इस सागर में भटक नही जाहूँ इधर उधर
जहाँ भी जाहूँ मिले मुझको  तुम्हारा दर।
इस महकते चमन का मुझको फूल बना दो
अपनी चरणों की धूल तो मुझ पर लगा दो।
में  सेवक  हूँ  तुम्हारी  चरणों  में आया
मेरा मन मंदिर का दिया तुमनें जलाया
तुम्हारे  बराबर  जग  नही  कोई   दूजा
तुम  ही  मेरी  वन्दना  और  मेरी  पूजा।

मोहित

मंगलवार, 27 जून 2017

सफलता पर

माता  पिता  ने  अपना   फ़र्ज  पूरा  किया ।
आपने  उनको  सफलता  का उपहार दिया।
ईश्वर  की  कृपा ,अपनी  मेहनत  लगन  से,
सफलता के कदम को अब आपने छू लिया।
मोहित जागेटिया

रविवार, 25 जून 2017

प्रिय तुम भी अब आओ बारिश है

तुम  से  मेरी  एक  गुजारिश  है ।
तुम भी चलें आओ सिफारिश है ।
ये मौसम भी अब बदल गया है,
प्रिय तुम भी अब आओ बारिश है।
मोहित

हम अपनी जिंदगी तुम्हारे नाम करते है

बुराई  को  त्याग के आज अच्छा काम करते है ।
ज़ख्मो से  भरी  जिंदगी  को  सरे आम करते है ।
कही खों ना जायें  इस नादान दुनिया में हम अब,
हम  अपनी  जिंदगी  अब  तुम्हारे नाम करते है ।
मोहित

नही मुसलमान ,इंसान बने

जहाँ पर खुदा रहता वही पर मेरा भगवान है।

मेरे खुदा  के  घर  में नही हिन्दू ,मुसलमान है।

मेरी सारी खुशियों की दौलत तो ये ही पर है,

जहाँ पर नही नफ़रत वही पर सच्चा इंसान है।

मोहित

बुधवार, 21 जून 2017

भारत की हार पर

जो जश्न हार का यहाँ मनाते है।
जश्न में यहाँ पटाखे जलाते है।
क्या कमी रह गई मेरे भारत में,
जो गीत पाकिस्तान का गाते है।
मोहित
जश्न मनाने का तुम्हें कोई अधिकार नही है।
खेल तो हार जीत का ये युद्ध में हार नही है।
तुम इस धरा पर रहतें हो यहाँ की खाते हो फिर,
कैसा भेद तुम्हारा इस मुल्क से प्यार नही है।
मोहित

शनिवार, 17 जून 2017

पिता पर

Happy father's day

पिता जीवन का अहसास है।
पिता  से  सब  कुछ  पास है।
पिता  मेरी  वन्दना  है
पिता   पर  ही   विश्वास  है ।
पिता मेरे नवकार है
पिता से ही परिवार है
इन से बड़ा नही कोई,
भगवान के अवतार है।
कभी  मेरी  मुस्कान है।
कभी  मेरा  सम्मान  है।
करू में कुछ अच्छा कभी
उसमे  पिता  की  शान है।
मोहित