बुधवार, 22 दिसंबर 2021

विवाद मत हों देना


यू ही सफ़र की तन्हाई को आबाद मत होने देना ।
भूल जाऊँ उसको ईश्वर कभी भी याद मत होने देना ।
ये ज़िंदगी का मोड़ कब कौन सी दिशा दे जाएगी अब ,
सफ़र में मुस्कुराते चलूँ कभी विवाद मत होने देना ।।

-- मोहित जागेटिया

स्वाभिमान जगाना होगा


धरती से अम्बर तक तुमको जाना होगा।
उन चांद सितारों में खुद को पाना होगा।
आकाश की उम्मीद में हौसलों की उड़ान में,
ऐसा ही आज स्वाभिमान जगाना होगा।।
मोहित जागेटिया

शुक्रवार, 10 दिसंबर 2021

समझ सकता नही

मैं मन के अधूरे सपनों को अब अधूरा लिखता हूँ ।
उन ख़्वाहिशों के संग अब हकीकत मैं नहीं चलता हूँ ।
मेरे दिल से उतर गई ख्वाबों की एक कहानी जो ,
वो सोच में है नहीं उसको अब समझ नहीं सकता हूँ ।।

-- मोहित जागेटिया

अलविदा गीत


माँ भारती की फिजाओं में सदा ही गुणगान होगा।
वतन की हिफाज़त में सदा आपका ही बखान होगा।
गर्व था देश को सदा गर्व है,आपकी वीरता पर,
नमन करता हूँ आपको,भारती पर अभिमान होगा।
मोहित जागेटिया

                 अलविदा
न भूले थे न भूलेंगे हम उनकी शहादत को।
याद रखेंगे हम सब वतन की इस मोहब्बत को।।
जिन रास्तों से तुम गुजरे थे वो याद आएंगे।
अब उनकी ये गाथा अमर स्मृतियों में पाएंगे।
इस देह शौर्य की वो अब अमर कहानी हो गये।
हर आँखों में बसा ओस का वो पानी हो गये।
सब कुछ न्यौछावर कर गये वतन की हिफाजत को।
याद रखेंगे हम सब वतन की इस मोहब्बत को।।1

माँ भारती के मस्तक का अमर चन्दन हो गये।
हम सबको जगा कर तिरंगे में वो अब सो गये।
हवाओं में लहराते वो आसमानी हो गये।
एक सच्चे वीर वो अब हिंदुस्तानी हो गये।
वतन की सच्ची मोहब्बत का वो एक नाम है।
इस आखरी विदाई को हमारा ये सलाम है।
न भूले थे न भूलेंगे तुम्हारी इस चाहत को।
याद रखेंगे हम सब वतन की इस मोहब्बत को।।2

-- मोहित जागेटिया

शुक्रवार, 26 नवंबर 2021

शादी की सालगिरह



शादी की सालगिरह तुम्हारी आई  ।
आज देता दिल तुमको बधाई ।।

ये दिल हर पल गा रहा खुशी का गीत ।
सदा बनी रहें आपकी की ये प्रीत ।।

सफ़र आप दोनों का सदा सलामत हो ।
दिल की आरजू दिल में मोहब्बत हो ।।

एक दूजे से सफ़र में मुस्कान हो ।
सच्चे सपनों की ये नई उड़ान हो ।।

हर जन्म में हो आपका ये सामना ।
सालगिरह पर यही मंगल  कामना ।।

-- मोहित जागेटिया

शनिवार, 20 नवंबर 2021

दीपावली

एक खुशी के दीप में हजारों दीप मिले होंगे ।
जब अंधरो में प्रकाश बन कर वो जो जले होंगे ।
हर मन हर्षाया होगा जब राम अयोध्या आये ,
कभी दीन-दुखियों के साथ जब वो चले होंगे ।।

-- मोहित जागेटिया

रानी लक्ष्मी बाई


आकाश में गरज उठी एक चिंगारी,
पराधीनता के विरुद्ध कभी न हारी।।

रानी चमक उठी वो सन सत्तावन में,
जब आज़ादी की अलख जगाई मन में।।

अपने हाथों में तलवार सजाई थी,
जिसने कांति की जब ज्वाला जलाई थी।।

वो जब लड़ी मर्दानी वो क्षत्राणी थी,
लक्ष्मीबाई झाँसी वाली रानी थी।।
मोहित जागेटिया