मंगलवार, 29 सितंबर 2026
शरद पूर्णिमा
बुधवार, 16 सितंबर 2026
हिंदी दिवस
श्री कृष्ण जन्मोत्सव
रक्षाबंधन
नेपाल त्रासदी
नेपाल त्रासदी
पहाड़ टूटे, नदियाँ उफन गईं,
जल ने जब तांडव किया।
आई ईश्वर की त्रासदी जब,
इंसान की बनाई दुनिया भी उजड़ गई।
क्या अपना? क्या पराया?
किसी का पता नहीं,
सबको एक पल में समेट ले गई।
सपने टूटे, अपने छूट गए,
बचा जो जीवन किसी का,
सोच रहा है—जिए अब हम किसके लिए?
रोने के लिए अब कुछ नहीं,
खाने के लिए भी सब कुछ खो दिया।
देखा है हमने प्रकृति का ये प्रलय,
सोचने-समझने का एक पल भी न दिया।
तो क्यों हम कल की फ़िक्र में पड़े हैं?
जब वो तांडव करता है,
सब कुछ धरा का धरा रह जाता है।
न अपने, न पराए,
कोई काम नहीं आते हैं,
प्रकृति के इस तांडव के आगे
सब बेबस हो जाते हैं।
— मोहित जागेटिया
मंगलवार, 4 अगस्त 2026
हमने जब से देखा तुमको
गुरू वंदना
रविवार, 26 जुलाई 2026
गुरुदेव
नई गज़ल लिख रहा हूँ
सावन
सावन आया
सावन आया
शनिवार, 25 जुलाई 2026
कारगिल
सोमवार, 13 जुलाई 2026
राम की आस्था चुराई है
किसी को खास रखता है
हम सब सहते रहेंगे
बुधवार, 24 जून 2026
यात्रा नेपाल कथा
यात्रा नेपाल
वो मुलाक़ात करते हैं
बुधवार, 17 जून 2026
महाराणा प्रताप जयंती
महाराणा प्रताप जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ।।
वो मेवाड़ का अमर बना एक नाम है,
वीर भूमि को पवित्र बना गया धाम है।।
सदा मेवाड़ की बनी अमर पहचान है,
मेवाड़ का प्रताप अटल स्वाभिमान है।।
पराधीनता के विरुद्ध वो तो लड़ा था,
स्वाधीनता की अलख लेकर वो योद्धा खड़ा था।।
चलता रहा जंगल-जंगल, नहीं हार मानी,
हर दुश्मन पर अपनी वो तलवार तानी।।
वो मेवाड़ को कभी गुलाम होने न दिया,
लड़ता रहा मगर मेवाड़ न खोने दिया।।
वो वीर, योद्धा, साहसी — प्रताप नाम था,
जन्म लिया पवित्र भूमि कुम्भलगढ़ धाम था।।
महाराणा मेवाड़ का गौरवगान था,
हर पल महकता हुआ हिन्दू की शान था।।
:- मोहित जागेटिया